किस्सा ग्वालियर सीट का,सिंधिया के गढ़ में दिग्गी की पसंद को तरजीह ?

ग्वालियर | कांग्रेस लोकसभा सीट से भले ही कांग्रेस ने अशोक सिंह यादव को अपना प्रत्याशी बनाया है लेकिन उनकी टिकट का फाइनल होना दिग्विजय सिंह की राजनितिक जीत के हिसाब से भी देखा जा रहा है ..तो क्या एक बार फिर महाराजा के गढ़ में बाजी मार गए दिग्गी राजा…

मध्यप्रदेश प्रदेश की हाई फ्रोफाइल सीट में शुमार ग्वालियर लोकसभा क्षेत्र से कांग्रेस ने अशोक सिंह को लगातार चैथी बार उम्मीद्वार बनाया है..कहने को तो यह ग्वालियर राजघराने की पारम्परिक सीट है ..राजमाता सिंधिया से लेकर माधवराव सिंधिया तक इस सीट से लगातर चुनते आ रहे है लेकिन पिछले एक दशक से उनके इस किले में राधवगढ़ राजघराने से आने वाले दिग्विजय सिंह अपनी पसंद का उम्मीदवार उतारने में कामयाब हुए है ..जी हां हम बात कर रहे है ग्वालियर से कांग्रेस प्रत्याशी अशोक सिंह की जिन्हे 3 बार हार का स्वाद चखने के बाद भी एक बार फिर मैदान में उतारा है ..

बता दे की दिग्विजय सिंह गुट के माने जाने वाले अशोक सिंह इस बार भी कांग्रेस के इकलौते दावेदार थे. लेकिन जिला कांग्रेस ने पहले ज्योतिरादित्य सिंधिया फिर प्रियदर्शनी को ग्वालियर से टिकट देने की मांग का प्रस्ताव पास कर केंद्रीय नेतृत्व के पास भेजा था…लेकिन इस सीट पर एक बार फिर दिग्विजय सिंह की पसंद को तरजीह दी गई और शायद यही कारण है की राजनितिक के जानकार इसे दिग्विजय सिंह की सियासी जीत के तौर पर देख रहे है …बहरहाल सिंधिया के गढ़ ग्वालियर में बिना सिंधिया राजघराने के समर्थन के जितना टेडी खीर है लिहाजा ग्वालियर में पार्टी समन्वय बिठाने में जुट गई है ….

 

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