नागपंचमी पर महाकालेश्वर स्थित खुला नागचंद्रेश्वर मंदिर, कोरोना संक्रमण की वजह से 300 साल बाद ऐसा बना संयोग

नागपंचमी पर महाकालेश्वर  स्थित खुला नागचंद्रेश्वर मंदिर, कोरोना संक्रमण की वजह से 300 साल बाद ऐसा बना संयोग
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उज्जैन – नागपंचमी पर श्री महाकालेश्वर मंदिर में विराजित श्री नागचंद्रेश्वर मंदिर के पट परम्परागत रूप से रात 12 बजे त्रिकाल पूजा के साथ खुले। लेकिन कोरोना की वजह से भक्त इस बार नागचंद्रेश्वर भगवान के दर्शन नही कर सके।  नागपंचमी पर महाकालेश्वर मंदिर में स्थित नागचंद्रेश्वर मंदिर में हर साल देश और दुनिया से हजारों लाखों लोग दर्शन करने आते है।लेकिन कोरोना संक्रमण की वजह से 300 साल बाद ऐसा संयोग बना है कि नागचंद्रेश्वर महादेव मंदिर में भक्तों का प्रवेश नहीं हुआ। ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर के शीर्ष पर स्थित भगवान नागचंद्रेश्वर मंदिर के पट नागपंचमी के लिए एक साल बाद शुक्रवार मध्यरात्रि खोले गए। इसके बाद महानिर्वाणी अखाड़े के महंत विनीतगिरीजी महाराज के सान्निध्य में भगवान नागचंद्रेश्वर की पूजा-अर्चना की गई यह मंदिर साल भर में केवल एक बार 24 घंटे के लिए खोला जाता है. उज्जैन में कोरोना संक्रमण की वजह से नागचंद्रेश्वर महादेव मंदिर में इसबार भक्तों को प्रवेश नही दिया गया।

 

नागचंद्रेश्वर मंदिर में नागपंचमी पर जिस मूर्ति के दर्शन होते हैं, वह 11वीं शताब्दी की परमारकालीन मूर्ति बताई जाती है। इसमें शिव-पार्वती के शीश पर छत्र रूप में फन फैलाए नाग देवता के दर्शन होते हैं। बताया जाता है यह मूर्ति नेपाल से यहां लाई गई है
ब्यूरो रिपोर्ट एमपी न्यूज उज्जैन

 

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