मध्य प्रदेश में जीका वायरस का अलर्ट – 50 मामले आए सामने !

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भोपाल | मध्य प्रदेश में जीका वायरस की एंट्री हो चुकी है अब यह तेजी से फैल रहा है. लगातार इसके मामले सामने आ रहे हैं. राजधानी भोपाल में 24 मामलों सहित पूरे मध्य प्रदेश में एक ही दिन में 50 मामले सामने आए हैं.

एक ही दिन में 50 मामले आमने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मचा हुआ है. विभाग ने तत्काल पूरे प्रदेश में अलर्ट जारी कर दिया है. राजधानी भोपाल के अलावा विदिशा, सीहोर और सागर जीका से प्रभावित हैं. सभी जिलों में जीका वायरस को लेकर बुखार के मरीजों और लार्वा का सर्वे किया जा रहा है.

बता दें डेंगू फैलाने वाला इंडीज मच्छर ही जिका वायरस का वाहक है जो दिन में काटता है इसलिए सोते समय हमेशा मच्छरदानी का प्रयोग करें अभी तक इससे बचने के लिए कोई वैक्सीन उपलब्ध नहीं है इसके साथ इसका कोई इलाज भी नहीं है केवल लक्षणों के आधार पर इसका इलाज किया जाता है.

जीका वायरस से प्रभावित मरीज के मुख्य लक्षणों में मरीज के शरीर पर चकते, बुखार,जोड़ों में दर्द, मांसपेशियों में दर्द, सिर में दर्द, बेचैनी, आंखें लाल होना प्रमुख है। जीका वायरस से बचाव के लिए पूरे शरीर को ढंक कर रखें। हल्के रंग के कपड़े पहनें,और बच्चों के प्रति विशेष सावधानी बरतें। जीका वायरस के मरीज को पूरी तरह बेड रेस्ट लेना जरूरी है। मरीज को अधिक मात्रा में पानी और तरल पदार्थ दिया जाना चाहिए। डेंगू फैलाने वाला एडीज मच्छर ही जीका वायरस का वाहक है जो दिन में काटता है। इसलिए सोते समय हमेशा मच्छरदानी का ही उपयोग करें। अभी तक इससे बचने के लिए कोई वैक्सीन उपलब्ध नहीं है। इसके साथ इसका कोई इलाज भी नहीं है। केवल लक्षणों के आधार पर इलाज किया जाता है।

इस दौरान गर्भवती महिलाओं का अलग से सर्वे किया जाता है. भोपाल में किए जा रहे सर्वे में हर दिन करीब 80 गर्भवती महिलाएं मिल रही हैं. शुक्रवार को भी इतनी ही महिलाएं मिली थीं.

भारत में राजस्थान सहित कई राज्यों में अब तक जीका वायरस के कई मामले सामने आ चुके हैं. यह वायरस जानलेवा है. यह वायरस गर्भवती महिलाओं के लिए यह बेहद खतरनाक है. भारत सरकार की ओर से भी कहा गया है कि जीका विषाणु से पीड़ित महिलाओं में गर्भधारण के दौरान समस्याएं पैदा होने की संभावना है.

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