इंदौर में दिखी आदिवासी एकता की झलक, सड़कों पर बिखरे संस्कृति के रंग!

इंदौर में दिखी आदिवासी एकता की झलक, सड़कों पर बिखरे संस्कृति के रंग!
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इंदौर- विश्वभर में आज आदिवासी दिवस बढ़ी धूमधाम से मनाया जा रहा है. आदिवासी समुदाय की मौजूदा हालत, समस्याओं और उनकी संस्कृति को आम लोगों से रूबरू करने को लेकर पूरे देश में जगह-जगह विभन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं.

आदिवासी समुदाय सदियों से प्रकृति के सबसे करीब रहा है. प्रकृति को सहजने में आदवासियों का सबसे महत्वपूर्ण योगदान रहा. वन्य जीव सरक्षंण हो या प्रकृति की रक्षा से जुड़ा कोई मुद्दा हो आदिवासी समुदाय इनमें बढ़-चढ़कर हिस्सा लेता है. पूरे भारत में आज यानि 9 अगस्त को आदिवासी दिवस बड़े हर्षो उल्लास के साथ मनाया जा रहा है. इंदौर में भी इस अवसर पर जगह-जगह जुलुस और रैलियां निकली गई. इस दौरान इंदौरी भी आदिवासी लोगो के गीत-संगीत-नृत्‍य पर सड़को पर झूमते गाते नज़र आए. आपको बात दें की सयुंक्त राष्ट्र संघ ने 9 अगस्त को आदिवासी दिवस घोषित किया है. आदिवासी कल्याण विभाग द्वारा सभी सांस्कृतिक को बढ़ावा देने के लिए यह बहुत-बढ़ा कदम है.

ढोल-ताशे की थाप और आदिवासी गीत सुनकर सड़कों से निकलने वाला हर शख्स अपने आप को रोक नहीं पाया और माहौल में शामिल हो झूम उठा. जुलुस में आदिवासी पारम्परिक परिधान पहने युवक-युवतियों को देखने मात्र से आदिवासी लोगो और क्षेत्रों की बानगी बनती है.

कुलमिलाकर कहें कि आज पूरे देश में आदिवासी दिवस की धूम मची हुई है. पारंपरिक परिधानों में सजे आदिवासी युवक-युवती अपने पारंपरिक वाद्य यंत्रों और ढोल नगाड़े की थाप पर जमकर झूमे. इस दौरान भव्य शोभयात्रा भी निकाली गई.

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