सावन के चौथे सोमवार को बाबा महाकाल ने दिखाया दिव्य अवतार !

सावन के चौथे सोमवार को बाबा महाकाल ने दिखाया दिव्य अवतार !
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उज्जैन .  पवित्र श्रावण के चौथे सोमवार के दिन महाकालेश्वर मंदिर में बाबा महाकाल की विशेष भस्मारती की गई। भस्मारती के पहले बाबा को जल से नहलाकर महा पंचामृत अभिषेक किया गया। बाबा को दूध, दही, घी, शहद के साथ फलों के रसों से अभिषेक हुआ। वहीं अभिषेक के बाद भांग और चन्दन से भोलेनाथ का आकर्षक श्रंगार किया गया और बाबा को भस्म चढाई गई।. भस्मिभूत होने के बाद भगवान को वस्त्र धारण कराये गए और फिर झांझ-मंजीरे, ढोल-नगाड़े व शंखनाद के साथ बाबा की भस्मार्ती की गई।

स्थानीय पुजारी ने बताया की परम्परा के अनुसार महाकाल का महा पंचामृत अभिषेक किया गया जिसमे दूध, दही, घी, शहद के साथ फलो के रसों से अभिषेक हुआ। साथ ही बाबा से विश्व कल्याण की कामना की है। वैसे तो प्रति वर्ष सावन माह की भस्म आरती में 2,000 से अधिक भक्त शामिल होते हैं परंतु इस बार कोरोना महामारी के चलते श्रद्धालुओं के शामिल होने पर पूरी तरह प्रतिबंध है, जबकि दर्शन के लिए सुबह साढ़े 5 बजे  से रात्रि 9 बजे तक का समय तय किया गया है। इस दौरान केवल वही भक्त दर्शन कर सकेंगे जिन्होंने पूर्व में दर्शन के लिए बुकिंग करा रखी है और जो केवल मध्यप्रदेश के ही रहने वाले है। महाकाल मंदिर समिति ने सावन माह में प्रतिदिन 10000 भक्तों को दर्शन कराने का प्रबंध किया है।

 

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