ग्रीन काॅरिडोर में निकली बाबा महाकाल की शाही सवारी!

ग्रीन काॅरिडोर में निकली बाबा महाकाल की शाही सवारी!
Spread the love

उज्जैन –  सावन के महीने में विश्व प्रसिध्द बाबा महाकालेश्वर की पहली सवारी सोमवार शाम 4 बजे मंदिर परिसर से पूजन के बाद बिना भक्तों के निकली। कोरोना  संक्रमण को देखते हुए सवारी के लिए मार्ग छोटा कर ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया। वहीं जिला प्रशासन ने परिवर्तित मार्ग पर बाबा महाकाल के लिए रेड कार्पेट भी बिछाया। इस दौरान मार्ग बदलने से दुर्लभ संयोग बन गया और “हर”और “हरसिद्धि” का मिलन हुआ। दरअसल कोरोना काल में सावन के महीने में निकलने वाली बाबा महाकाल की पालकी यात्रा को लेकर कलेक्टर आशीष सिंह के सवारी मार्ग बदलने के निर्णय से शहर के हजारों लोग सहमत नही थे। लेकिन मार्ग बदलने से जो दुर्लभ संयोग बन गया उसे देख आप भी एक बार तो इस निर्णय की दिल से प्रशंसा करने पर विवष हो जाएंगे ।

बता दें कि बाबा महाकाल की सवारी इतिहास में पहली बार अपने पारम्परिक मार्ग से न निकलते हुए मंदिर के पीछे वाले मार्ग से निकली।  पुरे रास्ते इलेक्ट्रॉनिक आतिशबाजी और रेड कारपेट बिछाया गया था। श्रद्धालु नही थे लिहाजा प्रशासन ने ऐसी व्यवस्था की थी जिसे देख महाकाल प्रसन्न हो जाये। रास्तेभर रांगोली सजाई गई और आतिशबाजी भी की गई। कुछ जगह पुष्पवर्षा भी हुई, लेकिन सबसे अहम रहा इस दौरान हुआ “हर”और “हरसिद्धि” का मिलन जिसे देख सभी भक्तिमय हो गए । रामघाट से पूजन के बाद बाबा का कारवां रामनुकूट होते हुए हरसिद्धि की पाल से हरसिद्धि मन्दिर के समक्ष पहुंचा। माता सती का यह स्थान 51 शक्तिपीठों में से एक है यहां माता सती की कोहनी गिरी थी।

हरसिध्दि का यह मंदिर बाबा महाकाल के मन्दिर के पीछे होकर बहुत करीब है लेकिन इतने करीब होने के बाद भी बाबा महाकाल आज तक माता हरसिद्धि से मिलने नही गए क्योंकि ऐसी कोई परम्परा नहीं रही है।  इस दौरान सांसद अनिल फिरोजिया, मंत्री मोहन यादव, कलेक्टर आशीष सिंह, एसपी मनोज कुमार सिंह सहित मन्दिर के पंडे पुजारी और गणमान्य जन मौजूद रहे। मंदिर के पुजारी राजेश पुरी गोस्वामी ने बताया कि उज्जैन की धरा पर यह दुर्लभ संयोग है जब भगवान महाकाल स्वयं चलकर माता सती के दरबार पहुंचे है।हर और हरसिद्धि का यह मिलन वास्तव में अद्भुत और अलौकिक है। “हर”और “हरसिद्धि” का मिलन  जिसने भी देखा वह कलेक्टर के मार्ग बदलने के निर्णय की सराहना करने लगा । बतादें की उज्जैन में हर साल हर और हरी का मिलन होता है, लेकिन यह पहला अवसर रहा जब हर और हरसिद्धि का मिलन हुआ ।,कलेक्टर आशीष सिंह ने कहा है कि बाबा की इच्छा रही तो हम जल्द ही सवारी को परम्परागत मार्ग से निकालने का प्रयास करेंगे ।

 

COMMENTS

WORDPRESS: 0
DISQUS: 0
© 2021 MP NEWS AND MEDIA NETWORK PRIVATE LIMITED