भोपाल नाव हादसा, गणेश विसर्जन दे गया कभी न भूलने वाला दर्द !

भोपाल नाव हादसा, गणेश विसर्जन दे गया कभी न भूलने वाला दर्द !
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भोपाल :- मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में छोटा तालाब के खटलापुरा घाट पर शुक्रवार तड़के करीब 4:30 बजे गणेश विसर्जन के दौरान दो नाव पलटने से 11 लोगों की मौत हो गई। 7 लोगों को बचा लिया गया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, दोनों नावें जुड़ी हुई थीं। जिन पर 20-25 लोग सवार थे। हालांकि इस आंकड़े की प्रशासन ने पुष्टि नहीं की है। उन्होंने अपील की है कि विसर्जन में शामिल किसी परिवार का सदस्य घर न पहुंचा हो तो सूचित करें। इस बीच मामले की मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए गए हैं। दो नाविकों पर केस दर्ज किया गया है।

मृतक पिपलानी के 100 क्वार्टर के रहने वाले थे। मौके पर एसडीआरएफ की टीम, गोताखोर और पुलिस की टीम मौजूद है। जनसंपर्क मंत्री पीसी शर्मा ने कहा, ‘‘हादसे में 11 लोगों की मौत दुर्भाग्यपूर्ण है। ये कैसे हुआ, इसकी जांच की जाएगी।’’ जिस जगह घटना हुई, वहां मध्य प्रदेश होमगार्ड और राज्य आपदा बचाव दल एसडीआरएफ का मुख्यालय है।

प्रत्यक्षदर्शी के मुताबिक, दो नावें आपस में बंधी हुई थीं, इनके बीच में मंच बनाकर विसर्जन के लिए प्रतिमा रखी थी। नावों पर करीब 20-25 लोग सवार थे। सभी की उम्र 27-28 साल उम्र थी। कोई भी लाइफ जैकेट नहीं पहने हुआ था। प्रतिमा विसर्जित करते वक्त एक नाव पलटी तो लोग दूसरी पर कूद गए। संतुलन बिगड़ने के चलते दूसरी नाव भी डूब गई। वही निगम प्रशासन का कहना है कि पूरा बंदोबस्त किया गया था लेकिन इसके बाद भी हादसा होना दुर्भाग्यपूर्ण है|लापरवाहों पर कार्रवाई की जाएगी|

हादसे की सूचना मिलने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह हमीदिया अस्पताल स्थित पीएम हाउस पहुंचे। इसके बाद वे घटनास्थल पर पहुंचे और बिलखते हुए मृतकों के परिजनों को गले लगाकर ढांढस बंधाया| उन्होंने कहा कि हादसा हृदय विदारक है। उन्होंने कहा कि इस भीषण दुर्घटना में हताहत हुए लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित करता हूँ और ईश्वर से दिवंगत आत्मा को शांति देने व परिजन को इस गहन दुःख को सहन करने की शक्ति देने की प्रार्थना करता हूँ। वही शिवराज ने हादसे को लेकर कई सवाल खड़े किए

वही मुख्यमंत्री कमलनाथ ने भोपाल में आज तड़के गणेश प्रतिमा विसर्जन के दौरान हुए हादसे को बेहद दुखद बताते हुए इसकी मजिस्ट्रियल जांच के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि दुःख की इस घड़ी में सरकार हर पीड़ित परिवार के साथ खड़ी है। उनकी हरसंभव मदद की जाएगी। प्रत्येक मृतक के परिजन को सरकार की तरफ़ से 4-4 लाख रुपए मुआवजा देने के निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने कहा कि इस घटना में जाँच में जिसकी भी लापरवाही सामने आयेगी, उसे बख़्शा नहीं जाएगा। बता दे कि
तीन साल पहले 2016 में छोटे तालाब में नाव पलटने से डूबने से पांच युवकों की मौत हो गई थी। इतनी बड़ी घटना होने के बाद भी नगर निगम और जिला प्रशासन ने कोई सबक नहीं लिया और ये हादसा हो गया। हालांकि 2016 में हुआ ये हादसा विसर्जन के दौरान नहीं हुआ था। उसवक्त भी सुरक्षा के तमाम दावे किए गए थे। लेकिन जो हुआ उसका नतीजा आज नजर आ रहा है।

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