MP में मीसाबंदियों को लेकर आमने-सामने हुए CM कमलनाथ और शिवराज।

MP में मीसाबंदियों को लेकर आमने-सामने हुए CM कमलनाथ और शिवराज।
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भोपाल- कमलनाथ सरकार ने 15 अगस्त पर मीसाबंदियों को सम्मानित करने की परंपरा को खत्म कर दिया है. मीसाबंदियों को लेकर कमलनाथ सरकार के इस फैसले से बीजेपी और कांग्रेस आमने-सामने आ गए हैं.

सत्ता में आने के बाद से ही मीसाबंदी कांग्रेस के निशाने पर है. पेंशन रोकने के बाद अब कांग्रेस सरकार ने मीसाबंदियों को स्वतंत्रता दिवस पर बुलाने वाली व्यवस्था में भी बदलाव कर दिया है. प्रदेश की तत्कालीन शिवराज सरकार द्वारा राष्ट्रीय पर्वों पर आयोजित समारोहों में मीसाबंदियों को विशेषतौर पर आमंत्रित कर सम्मानित करने की व्यवस्था को कांग्रेस सरकार ने बदल दिया है. कमलनाथ सरकार ने मीसाबंदियों को आमंत्रित करने का क्लॉज़ हटा दिया है और कलेक्टरों को भी आदेश जारी कर दिया है. सरकार के इस कदम के बाद मीसाबंदियों के साथ भाजपा में भी आक्रोश है. वही पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान ने भी सीएम कमलनाथ पर इसे लेकर जमकर निशाना साधा.

आपको बता दें कि शिवराज सिंह चौहान के कार्यकाल में राष्ट्रीय पर्वों पर मीसाबंदियों को सम्मानित करने की परंपरा शुरू की गई थी. इसके तहत 26 जनवरी और 15 अगस्त को शासकीय कार्यक्रमों में मीसाबंदियों को ना केवल आमंत्रित किया जाता था बल्कि शॉल-श्रीफल भेंट कर उन्हें सम्मानित भी किया जाता था. हालांकि सूबे में 15 साल बाद सत्ता में आई कांग्रेस ने इस परंपरा को रोक दिया है.

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