बीजेपी के दलित कार्ड से उपचुनाव में फंस सकती है कांग्रेस, जानें क्या है मामला!

बीजेपी के दलित कार्ड से उपचुनाव में फंस सकती है कांग्रेस, जानें क्या है मामला!
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भोपाल –   राज्यसभा चुनाव और विधानसभा उपचुनाव ने प्रदेश को एकबार फिर चुनावी मोड में डाल दिया है। कांग्रेस – बीजेपी के बीच जबरदस्त शह और मात की खेल चल रही है। राज्यसभा की तीन सीटों पर हो रहे चुनाव के लिए दोनों ही पार्टियों ने दो – दो उम्मीदवार उतारे हैं। दलित राजनीति को साधने के लिए दोनों ने एक – एक उम्मीदवार दलित उतारे हैं। मगर कांग्रेस के लिए यहां एक समस्या पैदा हो गई है।

दरअसल सिंधिया के बगवात के बाद विधानसभा में कांग्रेस की हैसियत कम हो गई है और अब वह केवल एक उम्मीदवार को ही राज्यसभा भेज सकती है। ऐसे में पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह की दावेदारी कंफर्म मानी जा रही है। मतलब प्रथम वरियता के वोट उन्हें ही मिलेगा। बीजेपी इसी को मुद्दा बनाने जा रही है। बीजेपी कांग्रेस पर एक दलित के ऊपर सवर्ण को तरजीह देने का आरोप लगाकर दलित कार्ड खेलने की तैयारी में है। कांग्रेस को यह मुद्दा आगामी उपचुनाव में भारी पड़ सकती है।

इस बात को लेकर बीजेपी ने कांग्रेस पर हमले भी तेज कर दिए हैं।  मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कांग्रेस को निशाने पर लेते हुए कहा कि अब यह देखने वाली बाता होगी कि कांग्रेस राजा को तरजीह देती है या रंक को । वहीं पूर्व मंत्री और वरिष्ठ भाजपा नेता गोपाल भार्गव ने कहा कि कांग्रेस को राज्यसभा चुनाव में अपने उम्मीदवार फूल सिंह बरैया को पहली वरीयता देनी चाहिए।

फूल सिंह अनुसूचित जाति वर्ग से आते हैं और अगर वह राज्यसभा में पहुंचते हैं तो राज्यसभा में अनुसूचित जाति वर्ग का प्रतिनिधित्व बढ़ेगा।  जहां तक दिग्विजय सिंह की बात है तो वह पहले भी राज्यसभा जा चुके हैं और मुख्यमंत्री जैसे अहम पदों पर रह चुके हैं। बताते चलें की वर्तमान में विधानसभा में बीजेपी के पास 107 विधायक हैं और कांग्रेस के पास 92। वहीं अन्य की संख्या 7 है।

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