शिवराज की संबल योजना बीजेपी के लिए बनी मुसीबत

शिवराज की संबल योजना बीजेपी के लिए बनी मुसीबत
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भोपालः मप्र में भाजपा के शासनकाल में गरीबों के लिए शुरू की गयी ‘संबल योजना’ में बड़ा घोटाला सामने आया है। कमलनाथ सरकार का आरोप है की संबल योजना की जांच कराई तो इसमें चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। असल में, योजना का लाभ गरीबों के बजाए आयकरदाताओं, व्यापारियों और उस समय सत्तारूढ़ दल भाजपा से जुड़े लोगों को इसका लाभ दे दिया गया।

एमपी में चौथी बार सत्ता के सिंहासन पर काबिज होने के लिए बीजेपी ने संबल योजना का कार्ड खेला था. चुनावी शतरंज में बीजेपी को मात मिली लेकिन अब संबल योजना बीजेपी की मुश्किलें बढ़ा सकती हैं. क्योंकि श्रम विभाग की जांच में 6816 करोड़ के घोटाले का खुलासा हुआ है.जांच में सामने आया है कि शिवराज सरकार में चली संबल योजना में 71 लाख अपात्रों को फायदा दिया गया. जिनमें से 56 लाख लोग बीजेपी से जुड़े बताए जा रहे हैं…इसे लेकर मंत्री पीसी शर्मा ने बीजेपी पर निशाना साधा।

घोटाले के आरोप से सियासत गरमा गई है| पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह  चौहान ने कहा, कमलनाथ सरकार ने गरीबों का गला घोंट दिया। संबल योजना बंद कर दी गई, बिजली के बिल हजारों रुपए आ रहे हैं। इन्होंने तो गरीब की लाश से 5000 कफन के पैसे तक छीन लिए, उन्होंने कहा कि घोटाला हुआ है तो  करने वालों को जेल भेजो, कौन मना कर रहा है।

वही शिवराज के बचाव में पूरी भाजपा उतर गई है और पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा विश्वास सारंग ने कमलनाथ सरकार कि नियत पर सवाल उठाए। बता दें की राज्य में विधानसभा चुनाव 2018 में होने थे। चुनाव के कुछ माह पहले तत्कालीन भाजपा सरकार ने संबल योजना की शुरूआत की थी। इसके तहत श्रमिकों का पंजीयन किया जाना था और तय मापदंड के अनुरूप गरीबी की श्रेणी में आने वाले श्रमिकों को बिजली बिल में राहत और अन्य सुविधाएं प्रदान की जानी थीं। लेकिन अब घोटाले के आरोपों से सियासत गरमा गई।

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