तारीख पर तारीख भारी, मंथन का दौर जारी ! कभी भी हो सकता है शिवराज मंत्रिमंडल का बहुप्रतीक्षित विस्तार

तारीख पर तारीख भारी, मंथन का दौर जारी ! कभी भी हो सकता है शिवराज मंत्रिमंडल का बहुप्रतीक्षित विस्तार
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भोपाल – मध्य प्रदेश में सत्तारूढ़ भाजपा सरकार के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के मंत्रिमंडल के बहुप्रतीक्षित विस्तार को लेकर सामने आ रही तारीख पर तारीख दावेदारों पर भारी पड़ती जा रही है। खासतौर पर मंत्री पद और विधायकी छोड़कर भाजपा में आए दावेदारों पर उम्मीदों का पहाड़ टूटने लगा है। क्योंकि उन्हें उपचुनाव में फिर से जनादेश लेने क्षेत्र की जनता के बीच जाना है। इसलिए उन की धड़कन बढ़ती जा रही है।

लगभग यही हाल भाजपा के उन पूर्व मंत्रियों का है जो अपनी वरिष्ठता और पार्टी के लिए किए गए योगदान को लेकर फिर से बंगला और रसूख हासिल करने के जुगत में लगे हुए हैं। इस बीच मंत्रिमंडल में शामिल किए जाने वाले नामों को लेकर पार्टी नेताओं में मंथन का अंतिम दौर जारी है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मंगलवार को देर रात प्रदेश भाजपा मुख्यालय पहुंचकर प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा और संगठन महामंत्री सुहास भगत से मुलाकात की। बुधवार को भी सुबह पार्टी मुख्यालय में तीनों नेताओं के बीच बंद कमरे में लंबी चर्चा हुई। माना जा रहा है कि मंत्रिमंडल की सूची को लेकर ही इस बैठक में विचार मंथन का अंतिम दौर पूरा किया गया। साथ ही अंतिम सूची को लेकर गतिरोध को भी आपसी विचार-विमर्श के बाद समाप्त किया गया।

भरोसेमंद जानकारी के अनुसार इस विस्तार में 25 मंत्रियों के नाम शामिल किए गए हैं जिसमें सात सिंधिया समर्थक पूर्व विधायक और भाजपा के चार नए चेहरे शामिल है। यह भी जानकारी मिली है की दो-तीन दिनों के भीतर ही इन्हें शपथ दिलाई जाएगी , जिसमें 13 केबिनेट और 12 राज्यमंत्री शामिल रहेंगे।

शिवराज को मिला फ्री हैंड
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को अपने कैबिनेट के विस्तार के लिए फ्री हैंड किया गया है। खबर मिली है कि पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व ने उन्हें प्रदेश के भाजपा संगठन और संघ के मध्य क्षेत्र मुख्यालय समिधा से संभावित नामों पर गहन विचार-विमर्श कर सूची तैयार करने को कहा गया है। मुख्यमंत्री चाहते हैं तैयार की गई सूची को पार्टी के शीर्ष नेतृत्व से हरी झंडी मिले ताकि किसी भी तरह के विवाद से बचने का रास्ता निकल सके। संभवत इसी कारण वे मंत्रिमंडल में शामिल नामों के अप्रूवल हेतु दिल्ली जाकर शीर्ष नेताओं से चर्चा करना चाहते हैं ताकि कोई जरूरी बदलाव हो तो उसे भी किया जा सके ।

संगठन को भी इंतजार
शिवराज मंत्रिमंडल के बहुप्रतीक्षित विस्तार का इंतजार सिर्फ मंत्री पद के दावेदारों को ही नहीं बल्कि प्रदेश के भाजपा संगठन को भी है। माना जा रहा है कि मंत्रिमंडल विस्तार के तुरंत बाद प्रदेश भाजपा कार्यकारिणी की घोषणा भी की जाएगी। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वीडी शर्मा चाहते हैं कि प्रदेश के कुछ पूर्व मंत्रियों को उनकी संगठन क्षमता को देखते हुए भाजपा का पदाधिकारी बनाकर उन्हें संगठन की मुख्यधारा से जोड़ा जाए। इसके लिए वे मंत्री बनने से वंचित भाजपा नेताओं को प्राथमिकता देंगे ताकि एक तरफ मंत्रिमंडल के विस्तार के बाद स्वाभाविक रूप से उपजे असंतोष को कम किया जा सके वहीं दूसरी ओर सत्ता और संगठन में समन्वय के सिद्धांत को भी अमलीजामा पहनाया जा सके।

कुछ जिलों के दावेदारों में फंसा पेच
मंत्रिमंडल विस्तार के लिए नामों के मंथन को लेकर कुछ जिलों के दावेदारों के बीच पेच फंस गया है। लगभग समान योग्यता के तीन से चार दावेदार होने के कारण यह स्थिति निर्मित हुई है। सागर जिले से वर्तमान में गोविंद सिंह राजपूत को मंत्री बनाया जा चुका है लेकिन इस जीने में तीन और प्रबल दावेदारी गोपाल भार्गव भूपेंद्र सिंह और इंजीनियर प्रदीप लारिया की मानी जा रही है। इसी तरह इंदौर जिले से तुलसी सिलावट अभी मंत्री हैं जबकि चार अन्य विधायक रमेश मेंदोला ,उषा ठाकुर, महेंद्र हार्डिया और मालिनी गौड़ की भी सशक्त दावेदारी मानी जा रही है।

अंतिम सूची तैयार करने में सबसे ज्यादा मशक्कत मंदसौर जिले को लेकर करनी पड़ी है जहां जसपाल सिंह सिसोदिया ,जगदीश देवड़ा, ओमप्रकाश सकलेचा और सिंधिया गुट के हरदीप सिंह डंग में से किसी एक नाम को लेकर पेच फंसा हुआ है। लगभग इसी तरह की मशक्कत रायसेन जिले को लेकर करना पड़ रहा है जहां सिंधिया के साथ पार्टी में शामिल हुए पूर्व मंत्री डॉक्टर प्रभु राम चौधरी के साथ ही शिवराज के मंत्रिमंडल का हिस्सा रहे रामपाल सिंह और सुरेंद्र पटवा के नाम पर निर्णय में देरी हो रही है।

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