दिग्गी की यात्रा के 6 महीने पूरे, लेकिन उन्हें सता रही यह चिंता, जानिये

दिग्गी की यात्रा के 6 महीने पूरे, लेकिन उन्हें सता रही यह चिंता, जानिये
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भोपाल। पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस सांसद दिग्विजय सिंह की पैदल नर्मदा परिक्रमा के 6 महीने पूरे हो गए हैं. इस मौके पर उन्होंने यात्रा के अनुभवों को लोगों के साथ साझा करते हुए नर्मदा के बहाव, प्रदूषण और खारे हो रहे पानी पर चिंता जताई. दिग्गी ने कहा कि- यात्रा के दौरान उन्होंने न सिर्फ नर्मदा की सुंदरता को निहारा बल्कि नर्मदा का बहाव किस तरह से कम हो रहा है यह भी देखा. नर्मदा में प्रदुषण बढ़ रहा है और अरब सागर का खारा पानी मिलने की वजह से नर्मदा दूषित हो रही है.आज हम सब चिंतित हैं कि किस प्रकार मां नर्मदा को पुराने अस्तित्व में वापस लाया जाए.

DIGGI

6 महीने पहले पत्नी अमृता सिंह के साथ शुरू हुई दिग्गी की नर्मदा यात्रा अंतिम पड़ाव पर है. करीब 3600 किलोमीटर से भी अधिक सफ़र तय करने के बाद यह यात्रा मंडला जिले में पहुंची है. 182वें दिन खुर्सीपार नर्मदा घाट पर दिग्गी ने अपनी पत्नी के साथ पूजा अर्चना कर यात्रा के अनुभव बताए. उन्होंने कहा कि आज से 6 महीने पहले हमने मां नर्मदा की परिक्रमा का सफर प्रारंभ किया था. इन 6 महीने में हम लोग मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र और गुजरात होते हुए मध्यप्रदेश वापस लौटे और छत्तीसगढ़ का थोड़ा सा हिस्सा अमरकंटक के पास हमने तय किया. इन 6 महीने में हमें आत्मचिंतन का अवसर मिला और मां नर्मदा का प्राकृतिक सौंदर्य देखने का अवसर मिला.

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इस मौके पर दिग्गी की पत्नी अमृता सिंह ने भी यात्रा के अनुभवों को साझा किया. अमृता ने बताया कि किस तरह से उन्हें यात्रा के दौरान कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ा. उन्होंने बताया कि जब यह यात्रा शुरू हुई तो उन्हें नही पता था कि वे इतना चल पाएंगी. सफ़र के दौरान आने वाली परेशानियों की वजह से उन्हें कई बार महसूस हुआ कि वे अब यात्रा नही कर पाएंगी, लेकिन माँ नर्मदा की शक्ति की वजह से 6 महीने का सफ़र तय कर चुके है.

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यात्रा का समापन 9 अप्रैल को नर्मदा नदी के पावन बरमान घाट जिला नरसिंहपुर में होगा. पूर्व सीएम सिंह ने नर्मदा परिक्रमा यात्रा 30 सितंबर 17 से बरमान घाट से ही प्रारंभ की थी. करीब 3600 किमी की पैदल यात्रा पूर्णकर वे पुनः बरमान घाट पहुंचेंगे. 9 अप्रैल को ही सिंह सभी नर्मदा परिक्रमावासियों के साथ बस में सवार होकर देर रात्रि को ओंकारेश्वर आएंगे. जहां वे 10 अप्रैल को सुबह नर्मदा जल ज्योर्तलिंग पर चढ़ाकर यात्रा का समापन करेंगे.

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