बारिश में पानी को तरस रही हैं डिंडोरी की बेटियां, गड्ढे से पानी लेकर नहाने को हैं मजबूर।

बारिश में पानी को तरस रही हैं डिंडोरी की बेटियां, गड्ढे से पानी लेकर नहाने को हैं मजबूर।
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डिंडोरी- पूरे प्रदेश में बड़े धूमधाम के साथ विश्व आदिवासी दिवस मनाया गया। प्रदेश के मुखिया कमलनाथ और प्रदेश के आदिम जनजाति कल्याण मंत्री ओमकार सिंह मरकाम ने आदिवासियों के जनकल्याण के लिए घोषणाओं की झड़ी लगा दी, लेकिन उसी दौरान मंत्री ओमकार सिंह मरकाम की गृह जिला और विधानसभा क्षेत्र छात्रावास की छात्राएं दूर खेत से पानी ढूंढने को मजबूर थी।

डिंडोरी जिले में सीनियर बालिका हॉस्टल समनापुर की छात्राएं रोज हाथ में बाल्टी रखकर हॉस्टल से बाहर निकल कर खेत से पानी लाकर दैनिक दिनचर्या में उपयोग कर रही है, जबकि हॉस्टल में जलवाहक पदस्थ है इसके बावजूद मजबूरी में गड्ढे से पानी लाकर उपयोग कर रही हैं। इस दौरान अगर पैर फिसल जाए तो किसी बड़ी घटना से इंकार नहीं किया जा सकता है। जानकारी के मुताबिक कैंपस के अंदर एक ओर प्रीमैट्रिक हॉस्टल संचालित हो रहा है, लेकिन प्री मेट्रिक हॉस्टल की अधीक्षका दिलेरी के साथ खुलेआम बोर पर कब्जा कर लिया। जिसके चलते सीनियर बालिका हॉस्टल की छात्राओं को बाहर से पानी लाना पढ़ रहा है।

वहीं इस मामले में अब जिम्मेदार जाँच के नाम पर कार्रवाई की बात कह रहे। कलेक्टर बी कार्तिकेयन का कहना है की मामले की जाँच करवाई जाएगी।

कुल मिलाकर सरकार लाख दावे और वादे करें लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और बयां कर रही है। हालात यह हैं कि छात्राएं महज पानी के लिए कड़ी जद्दोजहद कर रही हैं और जिम्मेदार बड़े-बड़े दावे कर वाहवाही लूटने का काम कर रहे हैं। अगर जिम्मेदारी के साथ योजनाओं को क्रियान्वित किया जाए तो निश्चित है कि क्षेत्र का कायाकल्प हो जाएगा। लेकिन नीति के साथ नियत भी ठीक रखनी होगी तभी शासन की जनकल्याणकारी योजनाएं अंतिम छोर तक के व्यक्ति को पहुंच पाएगी ।

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