बाबरिया की मनमानी पर कांग्रेस में कलाह, जानिए क्या है मामला ?

बाबरिया की मनमानी पर कांग्रेस में कलाह, जानिए क्या है मामला ?
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भोपाल। प्रदेश कांग्रेस के प्रभारी दीपक बावरिया के फरमान को एक और झटका लगने वाला है। पार्टी से टिकट के दावेदारी करने वालों से 50 हजार रुपए लेने के निर्णय के पहले बावरिया ने कहा था कि जिनको चुनाव लड़ना है, वे संगठन के पद छोड़ दें। बावरिया के इस फरमान से कई पदाधिकारी नाराज है, उन्होंने अपने नेताओं के जरिये बावरिया के इस बेतुके आदेश की बात पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी तक पहुंचा दी है। इस पर भी राहुल गांधी एक-दो दिन में फैसला ले सकते हैं।

बावरिया ने दिसंबर में कहा था कि विधानसभा चुनाव में टिकट की दावेदारी करने के इच्छुक नेता यदि संगठन में पद पर है तो उन्हें पद अपनी इच्छा से छोड़ देना चाहिए, इस पर उस वक्त कुछ पदाधिकारियों ने पद छोड़ने की पेशकश कर दी थी, लेकिन किसी ने इस्तीफा नहीं दिया था। इसके बाद बावरिया ने फरवरी के अंतिम सप्ताह में बैठक कर यह कह दिया था कि जिनको चुनाव लड़ना है, वे एक माह के अंदर संगठन का पद छोड़ दें। इसको लेकर बावरिया का पार्टी के अंदर जमकर विरोध होने लगा था। दरअसल बावरिया का निर्णय छोटे नेताओं और पदाधिकारियों को पद से दूर करने वाला राहुल गांधी के सामने बताया गया है। बावरिया के इस फरमान से कांग्रेस के दिग्गज नेता भी नाराज है।

इसलिए लगेगा झटका
बावरिया ने इस निर्णय को लेने में बड़े नेताओं की राय नहीं ली। विधायक एवं उपनेता प्रतिपक्ष बाला बच्चन, जीतू पटवारी, उमंग सिंघार, कमलेश्वर पटेल एआईसीसी में सचिव है। ये चारों नेता विधानसभा का चुनाव फिर से लड़ेंगे। जबकि प्रदेश कांग्रेस में करीब चालीस पदाधिकारी ऐसे हैं, जो चुनाव लड़ना चाहते हैं। एआईसीसी के दो पदाधिकारियों के साथ ही प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष अरुण यादव लोकसभा चुनाव लड़ना चाहते हैं।

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