एमपी का महासंग्राम -शिवराज को टक्कर देने अरुण यादव लड़ेंगे बुधनी से चुनाव !

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भोपाल | सीएम शिवराज को घर में घेरने के लिए कांग्रेस ने बड़ा दाव खेला है कांग्रेस ने बुधनी विधानसभा से पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अरुण यादव को उम्मीदवार बनाया है इसके बाद से बुधनी का सियासी पारा अपने चरम पर पहुंच गया है कयास लगाए जा रहे की इस बार मुकाबला काटे का होगा.
सूबे में सियासी बिसात पर कांग्रेस ने अंतिम मौके पर एक बड़ा दांव खेला है सीएम शिवराज का शिकार करने उनके गृह क्षेत्र बुधनी से निमाड़ के कद्दावर नेता और पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अरुण यादव को कमान सौंपी है लेकिन सीएम शिवराज का शिकार करना इतना भी आसान नहीं,बुधनी सीट शिवराज का अभेद किला माना जाता है…यहाँ से आखिरी बार कांग्रेस ने 1998 में जीत दर्ज की थी,उसके बाद से 20 साल से बुधनी में शिवराज का ही दबदबा रहा है लेकिन इस बार कांग्रेस ने बीजेपी का 15 साल पुराना दांव बीजेपी पर ही आजमाने का मन बना लिया है बता दें की 2003 में भाजपा ने तत्कालीन मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह को घेरने के लिए इसी तरह शिवराज सिंह चौहान को उनके खिलाफ चुनावी जंग में उतारा था.

शिवराज के गढ़ बुधनी में 40 % वोटर्स आदिवासी है इसलिए आदिवासी वोट बड़ा फैक्टर माना जा रहा है वही यदि बात करे तो बुधनी में अब तक 15 बार चुनाव हुए है जिसमे 6 बार बीजेपी और 5 बार कांग्रेस ने जीत का परचम लहराया है ऐसे में अरुण यादव के पास सुनहरा मौका है इस बार चुनाव जीत कर हिसाब बराबर करने का लेकिन शिवराज का शिकार उनके घर में करना इतना आसान नहीं है यदि हम पिछले 2 चुनावों की बात करे दो शिवराज में 2008 में महेश सिंह राजपूत को 40 हजार वोटों से हराया था वही पिछले चुनाव यानि 2013 में महेंद्र सिंह चौहान को 84 हजार वोटों से हराया था जीत के अंतर से अंदाजा लगाया जा सकता है अरुण यादव के लिए राह आसान नहीं होगी.
वही अरुण यादव कांग्रेस के दबंग बाहुबली नेता स्वर्गीय सुभाष यादव के बेटे है,स्व. सुभाष यादव मध्यप्रदेश के डिप्टी CM रह चुके है और पुरे प्रदेश में किसान नेता की चाबी अरुण यादव को उनके पिता से विरासत में मिली है अरुण यादव को हलके में लेने की लगती शिवराज भी नहीं कर सकते अरुण ने 2004 लोकसभा चुनाव में में खरगोन सीट से भाजपा के दिग्गज नेता भाजपा के कृष्णमुरारी मोघे को 1 लाख, 18 हजार वोटों से हरा दिया था वही 2009 के चुनाव में उन्होंने खरगोन के बजाए खंडवा से चुनाव लड़ा और चार बार के सांसद रहे नंदकुमारसिंह चौहान को करारी शिकस्त दी,बुधनी में यादव कुनबे की जातियों के भी बड़ी मात्रा में वोटर्स है ऐसे यह मुकाबला दिलचस्प माना जा रहा है.

एक और कांग्रेस ने अरुण यादव को बुधनी से लड़ा कर CM शिवराज को उनके घर में घेरने की रणनीति बना ली है तो वही शिवराज में अपने गढ़ बुधनी में अपनी जीत को लेकर आस्वस्थ है आकंड़े और कद के मांमले में दोनों ही अपनी -अपनी पार्टी के ट्रम्प कार्ड है ,ऐसे में इस बार बुधनी के रणनीतिक अखाड़े में दो बब्बर शेरो की भिड़ंत देखने को मिल सकती है

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