बिजली गुल, सियासत फुल !

बिजली गुल, सियासत फुल !
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भोपाल– मध्य प्रदेश में बिजली गुल होने पर राहत के ट्वीट से सियासत में आफत मच गई है. दरअसल बिजली की अघोषित कटौती से जनता तो परेशान है ही पर नाथ सरकार भी कठघरे में आ गई है.

एमपी में कांग्रेस सरकार के कदम रखते ही सियासत में आए दिन हलचल होती रही है. इस बार बिजली की कटौती से सियासत और तेज गरमा गई है. राहत इंदौरी ने कमलनाथ पर निशाना साधा और ट्वीट किया- मध्यप्रदेश को सरप्लस बिजली उत्पादन का दर्जा प्राप्त है बावजूद इसके ना तो बिजली का सही मेंनटेनेंस हो पा रहा है ना ही बिजली की दर में कमी आई है. बिजली की अघोषित कटौती के चलते इंदौरी ने सीएम से मदद मांगी. मौका पाते ही बीजेपी ने भी फायदा उठाया और आग में घी डालने का काम कर सरकार को घेरे में ले लिया.

मुख्यमंत्री कमलनाथ ने मामले पर ध्यान देते हुए कहा कि वे खुद समय-समय पर जिम्मेदार अधिकारियों से रिपोर्ट लेंगे और विद्युत वितरण और शिकायतों के काम की मॉनिटरिंग भी करेंगे. प्रदेश के अलग-अलग जिलों से ऐसी खबरे आने के बाद मुख्यमंत्री ने मंगलवार को बैठक रखी है. कमलनाथ ने जिम्मेदार अधिकारियों को चेतवानी देते हुए कहा कि प्रदेश में सरप्लस बिजली होने के बावजूद प्रदेश के कई हिस्सों से बिजली गुल कि शिकायत सामने क्यों आ रही है? कड़ी कार्रवाई का हवाला देते हुए कहा कि स्तिथि में सुधार लाएं और आम उपभोक्ताओं को 24 घंटे और खेती के लिए कम से कम 10 घंटे बिजली दी जाए.

कैबिनेट मंत्री प्रदुम्न सिंह तोमर ने बिजली घर पहुंचकर बिजली अधिकारियों को फटकार लगाई और चेतावनी देते हुए कह कि अगर अब कटौती हुई तो कार्रवाई के लिए तैयार रहना. बिजली कटौती की बढ़ती शिकायतों के बाद ऊर्जा विभाग ने 25 जून तक नियोजित शट डाउन पूरा करने के निर्देश दिए हैं.

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