कमलनाथ सरकार के खिलाफ आमरण अनशन और मुंडन, मरने मिटने पर उतारू है अतिथि विद्वान् !

कमलनाथ सरकार के खिलाफ आमरण अनशन और मुंडन, मरने मिटने पर उतारू है अतिथि विद्वान् !
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भोपाल : कमलनाथ सरकार ने फैसला किया है कि अतिथि विद्वानों को सेवा से बाहर नहीं किया जाएगा. सहायक प्राध्यापकों की नियुक्ति के बाद भी अतिथि विद्वानों को रिक्त पदों पर रखा जाएगा. वहीं पीएससी की परीक्षा देने वाले अतिथि विद्वानों को 20 अंक अनुभव के दिए जाने का फैसला किया गया है. सरकार की घोषणा के बाद भी अतिथि विद्वान नाखुश हैं. उन्होंने सरकार के खिलाफ धरना जारी रखने का निर्णय लिया है. अतिथि विद्वानों ने नियमित करने की मांग को लेकर राजधानी के शाहजहांनी पार्क में आमरण अनशन शुरू कर दिया.. धरने पर बैठी महिलाओं की तबियत बिगड़ने लगी.

इतना ही नहीं कई अतिथि विद्वानों ने विरोधसववरूप मुंडन कराया…. कैबिनेट में नई नीति के बाद अतिथि विद्वानों का कहना है की कैबिनेट में सरकार प्रस्ताव ज़रूर लेकर आई है लेकिन वो हमारे हित में नहीं है. सरकार ने अतिथि विद्वानों को एडजेस्ट करने की बात कही लेकिन नियमित करने की बात नहीं है…अतिथि विद्वानों ने चेतावनी दी है की जरूरत पड़ी तो आत्मदाह भी करेंगे. अपनी मांग को लेकर ज़िद ऐसी है की ये दिव्यांग अतिथि विद्वान् भी अपने साथियों का होंसला बढ़ाने अनशन पर बैठा.. अतिथि विद्वानों की माने तो ‘वचन पत्र में 90 दिनों में नियमित करने का वादा किया था, लेकिन प्रस्ताव में नियमित करने की बात है ही नहीं.

 

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