कलेक्टर कार्यालय का अनोखा फरमान, जनसुनवाई में मीडिया को किया प्रतिबंधित

कलेक्टर कार्यालय का अनोखा फरमान, जनसुनवाई में मीडिया को किया प्रतिबंधित
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गुना : गुना में जनसुनवाई को गोपनीय रखने के लिए जिला प्रशासन ने एक अनूठा फरमान जारी किया है. जिला प्रशासन ने जनसुनवाई कक्ष के बाहर मीडिया के प्रतिबंधित क्षेत्र का नोटिस चिपका दिया है. इस तरह पत्रकारों को जनता की पीड़ा से दूर करने की कोशिश की जा रही है.

दरअसल नीति आयोग द्वारा गुना जिले को मप्र के उन 8 जिलों में शुमार किया गया है, जो स्वास्थ्य, महिला बाल विकास और शिक्षा के क्षेत्र में पिछड़े हुए हैं. जिले की हालत विकास के विभिन्न क्षेत्रों में काफी बदतर है.अपना खराब हाल छुपाने के लिए जनसुनवाई में पत्रकारों द्वारा वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी को पूर्णतः प्रतिबंधित कर दिया गया है. जनसुनवाई में पहुंचने वाले ज्यादातर पीड़ित इन्हीं तीनों विषयों के इर्दगिर्द घूमते दिखाई देते हैं. उनकी पीड़ा को अक्सर पत्रकार प्रकाशित भी करते रहते हैं.

वहीं आज जनसुनवाई कक्षा के बाहर अनूठे फरमान को देखकर न केवल पत्रकार बल्कि आवेदक भी अचंभे में पड़ गए. बहरहाल जब इस बारे में जिम्मेदार अधिकारियों से चर्चा करने की कोशिश की गई तो सभी ने अपना पल्ला झाड़ते हुए कलेक्टर से चर्चा करने का हवाला दिया. दूसरी ओर मंडला जिले में पीएम
मोदी के सामने जिले के हालातों को बयां करने के लिए गुना कलेक्टर विजय दत्ता वहां गए थे, इसलिए मीडिया के प्रतिबंध को लेकर उनसे बात नहीं हो पाई.

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