भोपाल गैस त्रासदी की 35वीं बरसी पर बोले महामहिम

भोपाल गैस त्रासदी की 35वीं बरसी पर बोले महामहिम
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भोपाल : भोपाल गैस त्रासदी को 35 साल हो चुके हैं। 2-3 दिसंबर 1984 की रात भोपाल में यूनियन कार्बाइड केमिकल प्लांट से निकली जहरीली गैस से 24 घंटों में 3 हजार से ज्यादा लोगों की जान चली गई थी। हजारों लोग अलग-अलग तरह की शारीरिक विसंगतियों का शिकार हुए थे। राज्यपाल लालजी टंडन ने गैस कांड में मृत लोगों को श्रद्धांजलि दी. 35 बरस पूरे हो गए हैं विश्व की भीषणतम औद्योगिक त्रासदी यानी भोपाल गैसकांड हुए. दो और तीन दिसंबर 1984 की दरम्यानी स्याह और सर्द रात को भोपाल में यूनियन कार्बाइड के कारखाने  से निकली प्राणघातक गैस के नासूर को रिसते 35 साल बीत गया है…. राजधानी के बरकतउल्लाह भवन सेंट्रल लाइब्रेरी पर हुई श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया गया…. राज्यपाल लालजी टंडन की मौजूदगी में यहां दिवंगत व्यक्तियों की स्मृति में सेंट्रल लाइब्रेरी में सर्वधर्म प्रार्थना सभा का आयोजन किया गया है, जिसमें धर्माचार्यों द्वारा पाठ कर श्रद्धांजलि अर्पित की गई .

द्धांजलि सभा में गैस राहत मंत्री आरिफ अकील, जनसंपर्क मंत्री पीसी शर्मा, सहकारिता मंत्री डॉ गोविंद सिंह, महापौर आलोक शर्मा सहित कई नेता मौजूद थे… इस दौरान महामहिम लालजी टंडन ने लोगों से अपील की है की आम लोग भी गैस पीड़ितों की मदद करे. गैस पीडि़तों के हक में सालों से कार्य कर रहे संगठनों का पिछले तीन दिनों से बहुराष्ट्रीय कंपनियों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन भी जारी है। इन संगठनों का कहना है कि गैस त्रासदी के लिए जिम्मेदार बहुराष्ट्रीय कंपनी डाव कैमिकल्स अपनी जिम्मेदारियों से बच रही है और वह पीड़ितों को पूर्ण राहत मुहैया नहीं करा रही है। इसके लिए वे केंद्र और राज्य सरकार की नीतियों को भी जिम्मेदार मानते हैं। अमरीकी कंपनी यूनियन कार्बाइड का बाद में डाव कैमिकल्स ने अधिग्रहण कर लिया था।

मुख्यमंत्री कमलनाथ ने भोपाल गैस त्रासदी के शिकार निर्दोष नागरिकों को श्रद्धांजलि दी। मुख्यमंत्री ने लोगों से पर्यावरण प्रदूषण के प्रति हमेशा सतर्क, सजग रहने का आह्वान किया है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि विश्व की सबसे भीषणतम औद्योगिक त्रासदी में हमने जो भयानक दुष्परिणाम देखे हैं, वह सभी के लिए एक सबक है। त्रासदी ने भोपाल के रहवासियों को गहरे जख्म दिए हैं। राहत-पुनर्वास के साथ बेहतर इलाज प्रभावितों को मिले, इसकी जिम्मेदारी सरकार की है। भोपाल गैस पीड़ित महिला उद्योग संगठन के संयोजक स्व. अब्दुल जब्बार गैस पीड़ितों, विशेषकर महिलाओं के राहत-पुनर्वास और इलाज के लिए जीवन पर्यंत संघर्ष किया। आज के दिन उनकी बरबस याद आ रही है..

 

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