Honey Trap – हसीनाओं के हुस्न में फंसे ये नेता और अफसर !

Honey Trap – हसीनाओं के हुस्न में फंसे ये नेता और अफसर !
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इंदौर:- मध्यप्रदेश में सबसे बड़े हाईप्रोफाइल हनी ट्रैप मामले में बड़े खुलासे होते दिख रहे हैं. इसमें आम लोग ही नहीं पूर्व मुख्यमंत्री, कई मंत्री-नेता और नौकरशाहों के फंसने की भी बात सामने आई है. बड़े नामों के उजागर होने और जांच का दायरा बढ़ने के साथ ही इंदौर पुलिस के साथ अब इंटेलिजेंस और एटीएस (ATS) के अधिकारी भी मामले पर नजर बनाए हुए हैं. आने वाले समय में कई बड़े खुलासे होने की संभावना है. बड़े लोगों के नाम सामने आने के साथ ही सूबे के राजनीतिक गलियारों में भूचाल भी आ गया है.

मामले में एक पूर्व सांसद की आत्महत्या की कोशिश करने की बात भी सामने आई है। इंदौर और भोपाल से गिरफ्तार महिलाओं को राजनेताओं, पूर्व मंत्री, विधायक और पूर्व सांसदों के साथ कई अफसरों के घरों पर अक्सर देखा गया। बताया जा रहा है कि इनमें से एक महिला के जाल में फंसकर एक पूर्व सांसद ने खुदकुशी कोशिश की थी, जिसके बाद उनकी पार्टी ने उन्हें विवाद से बाहर निकाला।

सूत्रों के अनुसार जिन बड़े लोगों के नाम सामने आ रहे हैं, उनमें 6 बड़े राजनेता, 4 आईपीएस , 5 आईएएस अधिकारियों के साथ कई दूसरे वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों के नाम शामिल हैं. बड़े लोगों के नाम सामने आने के बाद गृहमंत्री बाला बच्चन ने कहा कि यह बड़ी कार्रवाई है. इस मामले की गहराई से जांच की जा रही है. कोई भी अपराधी बच नहीं पाएगा. जो लोग प्लान बनाकर लोगों को शिकार बनाते थे, वे सभी बेनकाब होंगे.

पूर्व राज्यपाल – महिला का एनजीओ के काम से राज्यपाल के पास आना-जाना था.

पूर्व मुख्यमंत्री – हनी ट्रैप में फंसने के बाद मामले में सेटलमेंट के लिए एक महिला को मकान दिया था.

मौजूदा मंत्री – रंगीन मिजाज की वजह से जाने जाते हैं.महिला का इनके पास आना जाना था.

2 पूर्व मंत्री – एनजीओ के काम से आने-जाने की वहज से पहचान हुई. कई सरकारी प्रोजेक्ट भी दिलाए.

पूर्व सांसद – हनी ट्रैप का शिकार होने के बाद महिला को बड़ी रकम दी थी.

बड़े नेता – एक राजनैतिक पार्टी संगठन के बड़े नेता हैं. पार्टी के कई नेताओं के साथ नौकरशाहों से मुलाकात में मदद की.

डीजी रैंक के अधिकारी – बड़े पद पर हैं. लूप लाइन में लंबे समय तक रहने के दौरान हनी ट्रैप में फंसे थे.

एडीजी रैंक के अधिकारी – एक शाखा में लंबे समय से पदस्थ हैं. सांस्कृतिक कार्यक्रम के चलते महिला से पहचान हुई.

5 आईएएस अधिकारी- मंत्रालय में एनजीओ के काम से बार-बार जाने की वजह से पहचान हुई. इनमें से कई अफसर फील्ड में पदस्थ हैं.

मामले में इंदौर पुलिस बड़ी बारीकी के साथ जाँच कर रही है.

हनी ट्रैप करने वाले आरोपियों के बारे में बताया जा रहा है कि सबसे पहले आरोपियों ने छोटे अधिकारियों-कर्मचारियों के साथ कारोबारियों को अपना निशाना बनाया था. इसके बाद आरोपियों ने राजनेताओं के बीच अपनी पकड़ को मजबूत करना शुरू कर दिया. राजनीतिक दलों के बीच मजबूत पकड़ होने के बाद आरोपियों ने कई नेताओं को हनी ट्रैप में फंसाया. इन्हीं नेताओं के सहारे कई सरकारी प्रोजेक्ट भी लिए और इसके बाद ब्यूरोक्रेट्स के बीच इनका उठना-बैठना शुरू हुआ. अब इस गिरोह के निशाने पर छोटे अधिकारी-कर्मचारी नहीं, बल्कि बड़े नौकरशाह और राजनेता होते थे.

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