भारत बंद- भोपाल में सड़कों पर उतरे 50 हजार कर्मचारी-कामगार !

भारत बंद- भोपाल में सड़कों पर उतरे 50 हजार कर्मचारी-कामगार !
Spread the love

भोपाल : ऑल इंडिया ट्रेड यूनियंस के आह्वान पर बुधवार काे भारत बंद है। राजधानी भोपाल सहित प्रदेशभर में इसका मिला-जुला असर देखने काे मिला है। निजीकरण और बैंकों के विलीनीकरण के विरोध में करीब 50 हजार कर्मचारी-कामगार सड़कों पर उतरे.   देश की 10 सेंट्रल ट्रेड यूनियन की देशव्‍यापी हड़ताल के आह्वान का असर राजधानी भोपाल में भी देखा जा रहा है। हड़ताल केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ की गई है। इसके समर्थन में सार्वजनिक बैंकों, बीएसएनएल, आयकर, डाक और बीमा के करीब 50 हजार कर्मचारी और कामगार सड़कों पर उतरे हैं। ये कर्मचारी निजीकरण और बैंकों के विलीनीकरण के ख़िलाफ़ सड़कों पर उतरे हैं। भोपाल में बुधवार को सुबह एमपी नगर से कर्मचारियों ने रैली निकाली। उन्होंने केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। वही हड़ताल की वजह से बैंक सूने नजर आए–

हड़ताल से आम जनजीवन प्रभावित हो रहा है। भारत बंद से बैंकिंग, औद्योगिक के अलावा परिवहन और सेवा क्षेत्र के कामगारों के शामिल होने से स्टेट बैंक ऑफ इंडिया को छोड़कर बाकी सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में कामकाज ठप है। बीमा, आयकर व डाक सेवाएं भी प्रभावित हुई हैं। इलेक्ट्रिसिटी फोरम के संयोजक र ने बताया कि बिजली शिकायतों का निपटारा नहीं होगा, फॉल्ट भी नहीं सुधर सकेंगे। हड़ताल में इंटक, एटक, एचएमएस, सीटू, एआईयूटीयूसी, टीयूसीसी, यूटीयूसी, सेवा तथा बैंक, बीमा, बीएसएनएल, राज्य व केंद्रीय कर्मचारियों के महासंघों के कार्यकर्ता एवं किसान, महिला, छात्र, युवा शामिल हुए। कामगार मजदूर को दमनात्मक और दंडात्मक कार्रवाई से दबाया जा रहा है..केंद्र की नीतियों में मजदुर को होना चाहिए…बैंक में कारपोरेट लूट हो रही है..बैंक में जानबूझकर कर्ज नहीं चुकाने वालों को दंडात्मक निति में लाया जाए..

 

COMMENTS

WORDPRESS: 0
DISQUS: 0
© 2021 MP NEWS AND MEDIA NETWORK PRIVATE LIMITED