जूनियर डॉक्टर्स और पैरा मेडिकल स्टाफ हड़ताल पर, स्वास्थ्य सेवाएं ठप्प

Spread the love

भोपाल : मध्यप्रदेश के सरकारी मेडिकल कॉलेज से संबंद्ध अस्पतालों के जूनियर डॉक्टर्स और पैरा मेडिकल स्टाफ अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं. ये लोग 1 जनवरी 2016 से सांतवा वेतनमान देने सहित अन्य मांग कर रहे हैं.

प्रदेश के 5 मेडिकल कॉलेज के करीब 1500 जूनियर डॉक्टर्स हड़ताल पर हैं. इनके साथ पैरामेडिकल स्टाफ, टेक्नीशियन फार्मेसिस्ट सहित हॉस्पिटल के तमाम कर्मचारी भी हड़ताल में शामिल हैं. इसका असर स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ रहा है. ओपीडी से लेकर इमरजेंसी सेवा तक में काम ठप्प पड़ा हुआ है.

इंदौर में प्रदेश के सबसे बड़े एमवाय अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाएं चरमरा गयी हैं. इलाज से लेकर दवा लेने तक के लिए मरीज़ परेशान होते रहे. भोपाल के हमीदिया अस्पताल में भी सुबह से ही मरीज़ डॉक्टरों का इंतज़ार करते रहे. जूनियर डॉक्टर और पैरा मेडिकल स्टाफ ड्यूटी पर ना होने से लोग भटकते रहे. यही हाल ग्वालियर के जयारोग्य अस्पताल का भी रहा. यहां 550 स्वशासी कर्मचारी हड़ताल और 250 जूनियर डॉक्टरों ने हड़ताल शुरू कर दी है. नर्सिंग और पैरामेडिकल स्टाफ और जूनियर डॉक्टर्स की इस महा हड़ताल के कारण स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह चरमरा गयीं. हड़ताली जूडा का कहना है जब तक सरकार मांग नहीं मानेगी तब तक हड़ताल जारी रहेगी.

उधर स्वास्थ्य राज्यमंत्री शरद जैन का कहना है सरकार ने पहले से ही सबको सातवां वेतनमान दे दिया है. जूनियर डॉक्टर्स बाक़ी मांगों को लेकर बेवजह दबाव बना रहे हैं. हड़ताल को देखते हुए चिकित्सा शिक्षा विभाग ने बैठक बुलायी है. एसीएस राधेश्याम जुलानिया ने अधिकारियों और जूनियर डॉक्टरों की बैठक बुलायी है. दोनों पक्षों के बीच चर्चा के बाद ही तय हो पाएगा कि हड़ताल खिंचती है या ख़त्म हो जाती है.

COMMENTS

WORDPRESS: 0
DISQUS: 0
© 2021 MP NEWS AND MEDIA NETWORK PRIVATE LIMITED