मध्यप्रदेश में जीका वायरस की एंट्री, हाई अलर्ट जारी !

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भोपाल |अहमदाबाद में जिका वायरस के 3 मरीज मिलने के बाद मध्य प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्रालय ने पूरे प्रदेश में अलर्ट जारी किया है इसके तहत जीका वायरस के लक्षण वाले मरीज मिलने पर तत्काल सूचना देने और इसका इलाज शुरू करने के निर्देश दे दिए गए खास बात यह है कि इसकी जांच की सुविधा भी एम्स भोपाल में शुरू हो गई है पहले केवल दिल्ली और पुणे में ही इसकी जांच होती थी.

बता दें डेंगू फैलाने वाला इंडीज मच्छर ही जिका वायरस का वाहक है जो दिन में काटता है इसलिए सोते समय हमेशा मच्छरदानी का प्रयोग करें अभी तक इससे बचने के लिए कोई वैक्सीन उपलब्ध नहीं है इसके साथ इसका कोई इलाज भी नहीं है केवल लक्षणों के आधार पर इसका इलाज किया जाता है.

जीका वायरस से प्रभावित मरीज के मुख्य लक्षणों में मरीज के शरीर पर चकते, बुखार,जोड़ों में दर्द, मांसपेशियों में दर्द, सिर में दर्द, बेचैनी, आंखें लाल होना प्रमुख है। जीका वायरस से बचाव के लिए पूरे शरीर को ढंक कर रखें। हल्के रंग के कपड़े पहनें,और बच्चों के प्रति विशेष सावधानी बरतें। जीका वायरस के मरीज को पूरी तरह बेड रेस्ट लेना जरूरी है। मरीज को अधिक मात्रा में पानी और तरल पदार्थ दिया जाना चाहिए। डेंगू फैलाने वाला एडीज मच्छर ही जीका वायरस का वाहक है जो दिन में काटता है। इसलिए सोते समय हमेशा मच्छरदानी का ही उपयोग करें। अभी तक इससे बचने के लिए कोई वैक्सीन उपलब्ध नहीं है। इसके साथ इसका कोई इलाज भी नहीं है। केवल लक्षणों के आधार पर इलाज किया जाता है।

गौरतलब है कि राजस्थान की राजधानी जयपुर में जीका वायरस से संक्रमण के दस नए मामले सामने आने के बाद इससे संक्रमित लोगों की संख्या बढ़कर 50 हो गई है. राज्य के स्वास्थ्य विभाग ने शुक्रवार को इस बारे में हुई समीक्षा बैठक के बाद यह नया आंकड़ा जारी किया.
बैठक में जीका के संक्रमण के मामले सामने आने के बाद हालात पर काबू पाने के लिए उठाए गए कदमों की समीक्षा की गई. विभागीय अधिकारियों के अनुसार, ‘कुल 50 रोगियों में से 30 रोगी उपाचार के बाद पूरी तरह स्वस्थ हैं.’ राजधानी में जीका वायरस संक्रमण के ज्यादातर मामले शास्त्रीनगर इलाके में सामने आए हैं जहां फोगिंग तथा अन्य एहतियाती उपाय किए जा रहे हैं.

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