शिवराज मंत्रिमंडल में ज्योतिरादित्य सिंधिया की हिस्सेदारी, चला 60/40 फॉर्मूला !

शिवराज मंत्रिमंडल में ज्योतिरादित्य सिंधिया की हिस्सेदारी, चला 60/40 फॉर्मूला !
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भोपाल.  मध्य प्रदेश में ज्योतिरादित्य सिंधिया के जोड़-तोड़ से शिवराज सिंह चैहान की अगुआई में बीजेपी की सरकार तो बन गई. तमाम कवायदों के बाद किसी तरह शिवराज मंत्रिमंडल का विस्तार भी हो गया है, लेकिन चार दिन के बाद भी मंत्रियों के विभागों का बंटवारा नहीं हो सका है. माना जा रहा है कि विभागों का बंटवारे में सिंधिया अपने समर्थक मंत्रियों को मलाईदार विभाग देने की डिमांड कर रहे हैं.  मंत्रियों को विभागों के वितरण की खींचतान केंद्रीय नेतृत्व तक पहुंच गई है।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने शीर्ष नेतृत्व के साथ मैराथन बैठकों में मंत्रिमंडल सहयोगियों के विभागों का फैसला कर लिया है.पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा और अमित शाह के साथ हुई बैठकों में पोर्टफोलियो फायनल किए गए. सूत्रों के अनुसार सोलर विद्युत परियोजना के आमंत्रण को लेकर जब उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात की तो पीएम मोदी ने सिंधिया के सिझाव लेकर ही विभागों के बंटवारे की सलाह दी। गृह मंत्री अमित शाह और पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे.पी. नड्डा ने भी संगठन में समन्वय के साथ साथ विभागों के बंटवारे में सिंधिया के सुझावों को सर्वोच्च प्राथमिता पर रखने  की बात कही।

उधर विभागों के बंटवारे में हो रही देरी पर कांग्रेस ने सरकार के खिलाफ हमले तेज कर दिए हैं। पूर्व मंत्री ने बीजेपी पर तंज कसते हुए कहा कि आज पूरी भाजपा ज्योतिरादित्य सिंधिया के सामने सरेंडर हो गई है। आज वो हर निर्णय के लिए दिल्ली की दौड़ लगा रहे हैं। बताते चलें कि सिंधिया की सत्ता में हिस्सेदारी आज की तारीख में 60:40 के अनुपात पर है। मतलब शिवराज के मंत्री 60 प्रतिशत और सिंधिया के समर्थक मंत्रियों की संख्या 40 प्रतिशत के आस-पास है। सरकार बनने के पहले ही दिन यह 60:40 का अनुपात तय हो गया था। अगर पहले मंत्री मंडल विस्तार में देखे तो 5  मंत्रियों में  2 सिंधिया के 3 शिवराज के मंत्री बने।

मतलब 40 प्रतिशत सिंधिया और 60 प्रतिशत शिवराज पहले दिन से ही तय हो गया। विभागों में भी महत्वपूर्ण विभागों में 40 प्रतिशत विभाग सिंधिया समर्थक मंत्रियों के पास रहेंगे। शिवराज सरकार का कहना है की विभागों को लेकर कोई खींचातानी नहीं है,  भाजपा में सबसे चर्चा होती है। पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा और अमित शाह  के साथ हुई बैठकों में सीएम शिवराज ने पोर्टफोलियो फायनल कर लिए हैं। हालांकि, विभागों के बंटवारे का ऐलान मुख्यमंत्री भोपाल में स्वयं करेंगे।

 

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