ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के समर्थन में उतरे कमलनाथ, सरकार पर साधा निशाना!

ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के समर्थन में उतरे कमलनाथ, सरकार पर साधा निशाना!
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भोपाल .  मध्य प्रदेश सरकार द्वारा पेट्रोल और डीजल पर लगाए गए टैक्स के विरोध में ट्रक और ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन ने 3 दिनों के लिए सांकेतिक हड़ताल कर दी है। जिसके बाद माल ढुलाई परिवहन सेवा ठप्प हो गई है। ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन ने अपने 4 सूत्रीय माँगों को लेकर 10 अगस्त से तीन दिनों तक यानी 12 अगस्त तक राज्य में चक्का जाम करने का निर्णय लिया है। ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के प्रतिनिधियों ने राज्य सरकार की ट्रक चालकों के प्रति उदासीनता और अडियल रवैये को देखते हुए हड़ताल पर जाने का निर्णय लिया है।

जिसके बाद प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में ट्रकों की लाइन लग गई और आवागमन परिवहन व्यापार ठप्प हो गया। प्रदेश के करीब साढ़े 6 लाख ट्रकों के पहिए थमे जिससे सरकार को करीब 400 करोड़ के राजस्व का नुकसान होगा। ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन और सरकार के बीच इस लड़ाई में कांग्रेस भी कूद गई है। पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ और वरिष्ठ कांग्रेस नेता सज्जन सिंह वर्मा ने ट्रांसपोर्टरों का समर्थन करते हुए शिवराज सरकार पर निशाना साधा है।

पूर्व सीएम औऱ पीसीसी चीफ कमलनाथ ने ट्वीट करते हुए कहा, प्रदेश में ट्रक ऑपरेटर्स और बस ऑपरेटर्स कोरोना के इस संकट काल को देखते हुए डीज़ल पर लगने वाले करो में कमी व रोड टैक्स सहित अन्य करो में राहत की माँग निरंतर कर रहे है मैंने भी कई बार इनकी माँगो को दोहराया है व मुख्यमंत्री को इस संबंध में राहत प्रदान करने संबंधी पत्र भी लिखे है। कमलनाथ ने अपने एक अन्य ट्वीट में कहा कि बस ऑपरेटर्स के बाद अब ट्रक ऑपरेटर्स के हड़ताल से प्रदेश में व्यापार, व्यवसाय प्रभावित होगा। बसों के बंद होने के कारण पहले से ही आम जनजीवन प्रभावित है। कांग्रेस इस लड़ाई में ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के साथ है।

दरअसल ट्रक और ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन ने प्रदेश सरकार के सामने चार सूत्रीय मांगें रखी है। जिसमे डीजल वैट कम करने, 6 माह तक रोड टैक्स और जीएसटी माफ करने के साथ – साथ परिवहन चौकियों पर हो रही अवैध उगाही को बंद करने की मांग की है। इसके अलावा उन्होंने ट्रक ड्राइवरों को कोरोना योध्दा घोषित करने की मांग भी की है। आल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट संगठन के प्रदेश उपाध्यक्ष अजय शर्मा ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर मांगे नहीं मानी गई तो हम अनिश्चितकाल के लिए हड़ताल पर भी जा सकते हैं।  एमपी के  ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन को पड़ोसी राज्यों उत्तर प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र और गुजरात के ट्रांसपोर्टर्स का भी समर्थन मिला है। उन्होंने भी ऐलान किया है कि हड़ताल के दौरान वो एमपी माल नहीं भेजेंगे।

 

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