लॉकडाउन इस कलाकार के लिए साबित हुआ वरदान, सामने आई अनूठी प्रतिभा!

लॉकडाउन इस कलाकार के लिए साबित हुआ वरदान, सामने आई अनूठी प्रतिभा!
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इंदौर .  चित्रकला और चित्रकारों का भारत में एक सुनहारा अतीत रहा है। गुजरे जमाने में भारत में बनाई गई पेंटिंग्स आज भी चर्चाओं में है। राजा रवि वर्मा जैसे महान चित्रकार की कला का लोहा पूरी दुनिया मानती थी। भारत में चित्रकारी के विरासत को वर्तमान में व्यवसायी चित्रकार यादवेंद्र पाल जैसे युवा आगे बढ़ा रहे हैं। कहा जाता है कि एक चित्रकार अपने चित्रों के माध्यम से मानव जीवन को बताने की कोशिश करता है। यादवेंद्र पाल की पेंटिंग्स में ये बखूबी झलकता भी है। पाल ने अपनी तस्वीर में कला के माध्यम से भगवान गणेश के प्रति उनके अकाट्य श्रध्दा को दर्शाया है। इसके अलावा दो हिरणों को लेकर बनाया गया उनका मोहक चित्र भी प्रकृति के प्रति उनके दिल में बसे प्रेम को दिखाता है।

अपने इस अद्भुत कला को लेकर यादवेंद्र पाल ने कहा कि शुरूआत से ही उनका चित्रकारी के तरफ रूझान रहा है। हालांकि पारवारिक बाध्यताओं के कारण वो इसे कैरियर नहीं बना सके। वहीं लॉकडाउन के दौरान जहां सभी व्यवसायी दुकानें बंद होने से परेशान नजर आ रहे थे, वहीं पाल इसे अपने लिए बड़ा वरदान समझते हैं। क्योंकि इस दौरान उन्हें अपने पूराने शौक को वापस जिंदा करने में सहायता मिली । वहीं यादवेंद्र की मित्र अमिता सिंह जादौन ने कहा कि उनके अंदर की छिपी प्रतिभा को देखकर वो भी चकित रह गईं। अमिता ने यादवेंद्र की पेंटिंग की तारीफ करते हुए कहा कि उनकी ऑयल पेंटिंग को सोशल मीडिया पर जबरदस्त रिस्पांस मिल रहा है।

इंसान की अंदर की प्रतिभा अधिक दिनों तक छिपी नहीं रहती है। एक दिन किसी न किसी रूप में वो दुनिया के सामने आ ही जाती है। व्यवसायी यादवेंद्र पाल इसका ताजा उदाहरण हैं। उम्मीद है व्यवसायी से अब चित्रकार बने यादवेंद्र पाल इस कला में जल्द ही वो मुकाम हासिल करेंगे, जिसकी कामना वो वर्षों से करते थे। एमपी न्यूज की तरफ से उनके सुनहरे भविष्य के लिए ढ़ेर सारी शुभकामनाएं।

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