गांव-गांव जाकर बच्चों के सपने साकार कर रहे दिव्यांग शिक्षक रामेश्वर नागरिया

गांव-गांव जाकर बच्चों के सपने साकार कर रहे दिव्यांग शिक्षक रामेश्वर नागरिया
Spread the love

मंदसौर . इस समय जहां बच्चे अपने घरों में कैद हैं, बच्चों के लिए स्कूल बंद हैं, ऐसे में कोरोना काल के संकट में बच्चों के लिए मसीहा बनकर उभरे हैं दिव्यांग शिक्षक रामेश्वर नागरिया. मंदसौर के चंद्रपुरा प्रायमरी स्कूल में पढ़ाने वाले दिव्यांग शिक्षक रामेश्वर नागरिया चंद्रपुरा, खिलचिपुरा और जगतपुरा के बच्चो को अपनी स्कूटी पर सवार होकर पढ़ाने के लिए हर सुबह निकल पड़ते हैं. सुबह 10 से 1 बजे तक वे बच्चों को शिक्षा देते हैं.

रमेश नागरिया बताते हैं कि प्रदेश सरकार ने 7 जुलाई से अपना घर, अपना विद्यालय योजना के तहत बच्चो को उनके घर मे ही पढ़ाने का आदेश जारी किया था. इसके बाद से ही वे बच्चों को पढ़ा रहे हैं. गरीब बच्चों के लिए ऑनलाइन शिक्षा महज एक सपना है, ऐसे में रमेश नागरिया बच्चों के मसीहा बनकर इस कमी को पूरा कर रहे हैं. सड़क, खुले मैदान या फिर मंदिर जहां भी रामेश्वर को जगह मिलती हैं वे बच्चों को पढ़ाने लग जाते हैं.

रामेश्वर नागरिया के हाथों पढ़ने वाले बच्चों में से अमीरन बी और तनवीर का कहना है कि सर हर दिन उन्हें पढ़ाने आते हैं और उन्हें होमवर्क भी दिया जाता हैं. जहां भी जगह मिल जाती है सर उन्हें पढ़ाने लग जाते हैं.

COMMENTS

WORDPRESS: 0
DISQUS: 0
© 2021 MP NEWS AND MEDIA NETWORK PRIVATE LIMITED