एमजीएम मेडिकल कॉलेज – एमबीबीएस की 100 सीटें बढ़ने की उम्मीद !

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इंदौर। मेडिकल छात्रों के लिए अच्छी खबर है, एमजीएम मेडिकल कॉलेज इंदौर और गांधी मेडिकल कॉलेज (जीएमसी) भोपाल समेत प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों में अगले सत्र (2018-19) से एमबीबीएस की 100 सीटें बढ़ने की पूरी उम्मीद है। सीटें बढ़ाने के लिए एमसीआई के मापदंड के अनुसार फैकल्टी की भर्ती पूरी हो गई है। कॉलेज भवन के विस्तार का करीब 20 फीसदी काम हो चुका है। मार्च के पहले मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया (एमसीआई) की टीम सीटें बढ़ाने के लिए कॉलेज का निरीक्षण करेगी।

दरअसल ,केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने जून 2018 में रिम्स में एमबीबीएस की 100 सीटें बढ़ाने की मंजूरी दे दी है। केंद्र ने इससे संबंधित पत्र रिम्स प्रबंधन को भेज दिया है। बढ़ने वाली 100 एमबीबीएस सीटों के लिए केंद्र सरकार ने अपने हिस्से की राशि भी राज्य सरकार को उपलब्ध करा दी है। 100 सीटें बढ़ने पर प्रति सीट करीब 1.5 करोड़ रुपए खर्च होते हैं। इनमें से 60 फीसदी अनुदान केंद्र सरकार दे रही है। यानी 100 सीटों के लिए 150 करोड़ में से 90 करोड़ केंद्र की ओर से मिलेगा और शेष राशि राज्य सरकार को देनी होगी, ताकि जरूरी आधारभूत संरचना की व्यवस्था की जा सके।

सीटें बढ़ने पर यहां 150 से 250 सीटें हो जाएंगी। प्रदेश के पांच मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस की सीटें बढ़ाने की तैयारी चल रही है। इसमें इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर और भोपाल के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में 100-100 सीटें व रीवा मेडिकल कॉलेज में 50 सीटें बढ़ाने का प्रयास किए जा रहे हैं। सीटें बढ़ने के बाद रीवा में 150 और बाकी जगह 250-250 सीटें हो जाएंगी। इन कॉलेजों में सीटें बढ़ाने की पांच साल से कवायद चल रही है।

दतिया और खंडवा में भी बढ़ेंगी 50-50 सीटें शहडोल, विदिशा, दतिया और खंडवा में इसी सत्र से नए मेडिकल कॉलेज शुरू हुए हैं। इनमें शहडोल और विदिशा में एमबीबीएस की 150-150 सीटें हैं। दतिया व खंडवा में 100-100 सीटों को मान्यता मिली है। इन दोनों कॉलेजों में 150 सीटों के लिहाज से मापदंड पूरे हैं।

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