मंत्री उमंग सिंघार को भारी पड़ी दिग्गी से तकरार, कमलनाथ ने इस परिषद से किया बाहर!

मंत्री उमंग सिंघार को भारी पड़ी दिग्गी से तकरार, कमलनाथ ने इस परिषद से किया बाहर!
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भोपाल :- प्रदेश में चल रहे सिंह- सिंघार एपीसोड का नुकसान दिग्विजय सिंह को क्या हुआ इसका अनुमान लगाना कठिन है लेकिन इसका रिएक्शन देखने को मिल रहा है, दरअसल कमलनाथ सरकार ने शिवराज सरकार में बनी आदिम जाति मंत्रणा परिषद को निरस्त कर करीब पांच साल बाद उसका पुर्नगठन किया है.इसकी कमान मुख्यमंत्री कमलनाथ ने अपने हाथ में रखी है जबकि उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी आदिम जाति कल्याण मंत्री ओमकार सिंह मरकाम को सौंपी गई है. इसके अलावा कांग्रेस 18 विधायकों को इसमें सदस्य बनाया गया हैं.लेकिन हैरानी की बात तो ये है कि प्रदेश में आदिवासियों का उभरता युवा नेता होने का दावा करने वाले वनमंत्री उमंग सिंघार को इसमें जगह ही नही दी गई है.

वही कमलनाथ सरकार को अल्टीमेटम देने वाले.एवं आदिवासियों के लिए बेबाकी से अपनी बात रखने वाले विधायक हीरालाल अलावा को शामिल किया गया है.

आपको बता दे की मंत्री उमंग सिंघार पूर्व उप मुख्यमंत्री जमुना देवी के भतीजे हैं जबकि धार जिले की गंधवानी विधानसभा सीट से लगातार तीसरी बार विधायक हैं.वावजूद इसके उन्हें आदिम जाति मंत्रणा परिषद से बहार रखा गया है, सुत्रों की माने तो लगातार पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय पर बयानबाजी के चलते उमंग को बाहर रखा गया है।चुंकी नसीहत के बाद भी उमंग विवाद खत्म करने को तैयार नही है.ऐसी में सवाल उठता है क्या सीएम कमलनाथ ने दिग्विजय सिंह से वर्षो पुरानी दोस्ती को निभाते हुए यह एक्शन लिया है.या फिर दिग्विजय ने अपनी ताकत का अहसास मंत्री उमंग सिंघार को करा दिया है.

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