नागरिकता संशोधन बिल से इंदौर में मनी दिवाली, BJP में खुशहाली!

नागरिकता संशोधन बिल से इंदौर में मनी दिवाली, BJP में खुशहाली!
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इंदौर : अपने मूल्क से विस्थापित होकर सालों से गैर मूल्क में रह रहे उन लाखों लोगों के लिए बुधवार का दिन ऐतिहासिक रहा। धार्मिक उत्पीड़न के कारण अपनी मातृभूमि छोड़ने के लिए मजबूर हुए सिंधी समुदाय के लिए नागरिकता संशोधन विधेयक एक वह मरहम है जिसका उन्हें उस गहरे जख्म के लिए इंतजार था जिसे किसी वक्त उन्हें अपने ही लोगों ने दिया था।  लोकसभा के बाद राज्यसभा में नागरिकता संशोधन बिल पास होने के बाद पाकिस्तान और बांग्लादेश से आकर यहां रह रहे लोगों में जश्न का माहौल है। गुरुवार को बड़ी संख्या में सिख और सिंधी समाज के लोग जश्न मनाने सड़कों पर उतरे।

उन्होंने ढोल की थाप पर नृत्य किया और एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर केंद्र सरकार को धन्यवाद दिया। सिंधी समाज का कहना है कि नागरिकता संशोधन बिल पास होने के बाद इंदौर ही नहीं पूरे देश में हर्ष की लहर है। पाकिस्तान और बांग्लादेश से आए हिंदू और सिंधी भाई नागरिकता के अभाव में ना तो आधार कार्ड बनवा पा रहे थे, ना ही अन्य कोई दस्तावेज इसलिए उन्हें व्यापार के साथ ही अन्य कई प्रकार की समस्याएं आ रही थी। इस विधेयक के पास होने से उन्होंने राहत की सांस ली है, वे अब भारत के नागरिक कहलाएंगे। हम इसके लिए केंद्र की मोदी सरकार को धन्यवाद देते हैं जिन्होंने अपना वादा निभाया।

वहीं देवपथ संस्था के मुकेश रजावत ने बताया कि इंदौर में करीब 10 से 11 हजार पाकिस्तान से आए विस्थापित रह रहे हैं। इस बिल के पारित हो जाने से इन्हें जरूरी कागजात बनाने में सहूलियत होगी। साथ ही उन्होंने कांग्रेस पर इस बिल पर राजनीति करने का आरोप लगाया । नागरिकता संशोधन विधेयक को लेकर मोदी सरकार और विपक्ष में जबरदस्त टकराव देखने को मिल रहा है। कुछ विपक्षी सांसदों ने इस बिल के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील भी की है। ऐसे में अब यह दिसचस्प हो गया है कि क्या शीर्ष अदालत इस बिल को लेकर क्या रूख अपनाती है।

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