कांतिलाल भूरिया की भूमिका को लेकर संकट में MP कांग्रेस !

कांतिलाल भूरिया की भूमिका को लेकर संकट में MP कांग्रेस !
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भोपाल:- मध्य प्रदेश के झाबुआ में बड़ी जीत हासिल करने वाले कांतिलाल भूरिया की कांग्रेस में नई भूमिका को लेकर बड़ी बहस छिड़ गई है. झाबुआ उपचुनाव में भूरिया को डिप्टी सीएम तक प्रोजेक्ट करने वाली कांग्रेस अब उनकी ताजपोशी को लेकर परेशान है. 31 अक्टूबर को विधानसभा की सदस्यता लेने के बाद भूरिया की नई पारी को लेकर होने वाले फैसले से पहले कांग्रेस के अंदर घमासान खड़ा होता दिख रहा है. इस पूरे मामले में स्वयं कांतिलाल भूरिया, ज्योतिरादित्य सिंधिया और सीएम कमलनाथ का रिएक्शन अब तक नहीं आया है. लेकिन कांतिलाल भूरिया की ताजपोशी को लेकर अब कांग्रेस मुश्किल में है. भूरिया को सत्ता या संगठन में जगह देने की मजबूरी पर मंथन तेज हो गया है. मंत्री सज्जन सिंह वर्मा के कांतिलाल भूरिया को पीसीसी चीफ के लिए परफेक्ट बताने के बयान के बाद नेताओं के रिएक्शन तेज हो गये हैं. मंत्री पीसी शर्मा पार्टी में भूरिया की नई भूमिका को लेकर सीधे तौर पर कुछ भी बोलने से बचते दिखे. तो वहीं पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने कहा है कि इस बारे में फैसला मुख्यमंत्री कमलनाथ को करना है.

वहीं कांतिलाल भूरिया के सत्ता और संगठन में एडजस्ट करने को लेकर उठ रहे सवालों पर बीजेपी ने कांग्रेस पर तंज कसा है. पूर्व मंत्री विश्वास सारंग ने कहा कि कांगेस गुटों और गिरोह में बटी हुई पार्टी है.

बहरहाल झाबुआ में जीत हासिल कर कांग्रेस ने संख्या गणित में भले ही मजबूती हासिल कर ली हो लेकिन भूरिया की नई पारी को लेकर कांग्रेस में संकट के हालात जरूर खड़े हो गये हैं. यदि कांग्रेस नेताओं के झाबुआ में दिए गये बयानों पर अमल होता है तो कांतिलाल भूरिया को सत्ता में भागीदार बनाया जाएगा. लेकिन यदि सिंधिया और दूसरे नेताओं की पीसीसी चीफ को लेकर की जा रही दावेदारी को कमजोर किया जाना है तो भूरिया को प्रदेश कांग्रेस के नेतृत्व की जिम्मेदारी दी जा सकती है. लेकिन कांग्रेस के इस सीनियर लीडर की नई भूमिका को लेकर अब गेंद मुख्यमंत्री कमलनाथ के पाले में है. और उम्मीद इसको लेकर है कि 31 अक्टूबर को विधानसभा में विधायक पद की सदस्यता के बाद पार्टी इस मामले को लेकर कोई बड़ा फैसला जरूर ले लेगी.

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