फ्लॉप हुआ बाबरिया का फॉर्मूला, जानिए क्या है मामला ?

फ्लॉप हुआ बाबरिया का फॉर्मूला, जानिए क्या है मामला ?
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भोपाल : प्रदेश प्रभारी दीपक बाबरिया का एक फैसला इन दिनों कांग्रेस नेताओं को रास नही आ रहा है. 50 हजार रुपए देकर टिकट देने वाले फैसले को सभी नेता नकार रहे है. आलम यह है कि कमलनाथ और ज्योतिरादित्य सिंधिया के सामने कांग्रेसी नेताओं ने बाबरिया के फैसले को नकार दिया.

दरअसल राहुल गांधी की अध्यक्षता में हो रहे कांग्रेस के राष्ट्रीय अधिवेशन में देश भर से कांग्रेस के नेता जुटे, लेकिन उन नेताओं की भीड़ ज्यादा देखने को मिली जो आगामी विधानसभा में टिकट के लिए दावेदारी ठोंकने वाले है. इसी के मद्देनजर मध्यप्रदेश से भी कई कांग्रेस नेता अधिववेशन में जा पहुंचे. इस दौरान कई नेताओं को अधिवेशन के पास बनवाने में पसीना आ गया. जैसे तैसे पास बना तो अंदर जाने को मिला.

अधिवेशन के बाद बड़ी संख्या में कांग्रेस के नेता कमलनाथ के बंगले पर पहुंच गए, लेकिन अंदर सिर्फ कमलनाथ, ज्योतिरादित्य सिंधिया, अजय सिंह और दीपक बाबरिया मौजूद थे. आलम यह था कि सत्ता में बड़ा रसूख रखने वाले नेताओं को भी बाहर खड़ा रहना पड़ा इनमे सज्जनं सिंह वर्मा और बाला बच्चन भी थे. इस दौरान सभी ने बाबरिया के उस फरमान को नकार दिया जिसमे ‘पार्टी का खजाना भरने के नाम पर टिकट के दावेदारों से 50 हजार रुपए का डिमांड ड्राफ्ट भरने को कहा गया.

प्रदेश के सभी नेताओं में बाबरिया के इस फैसले के प्रति नाराजगी देखने को मिली. इस दौरान इंदौर से पांच नंबर विधानसभा से कांग्रेस टिकट की दावेदारी जाता रहे पिंटू जोशी ने तो गुस्से में यह तक कह दिया कि अगर पैसे देकर ही टिकट की दावेदारी जतानी है तो में गुल्लक लेकर अलग अलग चौराहों पर खड़ा हो जाऊंगा और जो लोग मुझे चुनाव लड़वाना चाहते है उनसे एक एक रुपए इकट्ठा कर चिल्लरों का बोरा  प्रदेश प्रभारी के सामने रखूंगा.

कुल मिलाकर बाबरिया के फैसले पर कांग्रेस नेताओं की नाराजगी से यह बात तो खुलकर सामने आ रही है कि फ़िलहाल कांग्रेस में कुछ भी ठीक नहीं चल रहा है और मिशन 2018 से पहले पार्टी को काफी मेहनत करने की जरूरत है.

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