महामहिम ने बताया कैसे ख़त्म होगी बाल विवाह कुप्रथा ? जानिये

महामहिम ने बताया कैसे ख़त्म होगी बाल विवाह कुप्रथा ? जानिये
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सीहोर : मध्यप्रदेश की महामहिम राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने खुले मंच से प्रदेश में घूंघट प्रथा और दहेज़ प्रथा को ख़त्म करने के लिए आवाज उठाई है. उन्होंने कहा कि घर में लक्ष्मी के रूप में बहू को चाहते हो तो दहेज जैसी कुप्रथा को समाप्त करना होगा. ग्रामीण क्षेत्रों में जो घूंघट और दहेज प्रथा का सनातन धर्म से कोई लेना-देना नहीं है. इन प्रथाओं को गांवों में एक समिति बना कर समाप्त करने के लिए प्रयास किए जाने चाहिए.

सीहोर जिले के झरखेड़ा में आयोजित पाटीदार समाज के सामूहिक विवाह सम्मेलन में मुख्य अतिथि के तौर पर हिस्सा लेने पहुंची राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने कहा कि सामूहिक विवाह आज की सबसे बड़ी जरूरत है. इसके प्रभाव और लाभ समाज के हित में दूरगामी परिणाम देते हैं. इस प्रकार के आयोजनों से अनावश्यक खर्च से बचा जाता है. समाज के हर वर्ग में बढ़ते सामूहिक विवाह इस बात का प्रमाण हैं कि इस प्रकार के आयोजनों की स्वीकार्यता समाज में बढ़ी है. जातिगत भेदभाव मिटाने के लिए इस प्रकार के आयोजन सभी के लिए अनुकरणीय है. सामूहिक विवाह आयोजनों से समाज में नई जागृति आई है.

बाल विवाह जैसी कुप्रथा का उल्लेख करते हुए राज्यपाल ने कहा कि बाल विवाह अभिशाप है. ऐसे विवाहों को रोकने के लिये सामाजिक जागरूकता पैदा करना होगी. समाज के सामने वर-वधु की उम्र की सही जानकारी होने पर बाल विवाह रोके जा सकते हैं. उन्होंने व्यक्तिगत उदाहरण देते हुए बताया कि मैंने खुद अपने भतीजे का बाल विवाह रुकवाया था.

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