देश के सबसे साफ शहर का बंटवारा करेगी कमलनाथ सरकार, बीजेपी-कांग्रेस में तकरार!

देश के सबसे साफ शहर का बंटवारा करेगी कमलनाथ सरकार, बीजेपी-कांग्रेस में तकरार!
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एंकर- भोपाल नगर निगम को दो हिस्सों में बांटे जाने की कवायद के बीच इंदौर और जबलपुर नगर निगमों के बंटवारे की मांग उठी है। राज्यसभा सांसद विवेक तन्खा ने रविवार को ट्वीट कर कहा है कि भोपाल में ही दो महापौर क्यों, जबलपुर और इंदौर में क्यों नहीं। जिसके बाद अब सियासत गरमा गई हो..

पूरे देश और दुनिया में मध्यप्रदेश का मान बढ़ाने वाले सबसे साफ शहर को अब कमलनाथ सरकार दो हिस्सों में बाँटने जा रही है ..जी हाँ ये सुनकर आप हिल जरूर गए होंगे लेकिन कमलनाथ सरकार ने इसके संकेत दे दिए है कि भोपाल के बाद अगला नंबर इंदौर और जबलपुर का है…बता दे कि

पिछले दिनों राजस्थान के जयपुर, जोधपुर और कोटा को वहां की सरकार ने दो-दो नगर निगमों में बांट दिया. इसी तर्ज पर अब मध्य प्रदेश की कमलनाथ सरकार भी सूबे के तीन शहरों भोपाल , इंदौर और जबलपुर को दो नगर निगमों में बांटने जा रही है. दरअसल राज्यसभा सांसद विवेक तन्खा ने ट्वीट कर इंदौर और जबलपुर को दो हिस्सों में बाँटने की मांग की है जिसपर राज्य के नगरीय विकास मंत्री जयवर्धन सिंह ने कहा कि शहरी विकास के लिए छोटे जनसंख्या वाले वार्डों का होना जरूरी है. जबलपुर और इंदौर शहर में दो नगर निगम बनाने का कोई सुझाव या आवेदन आता है तो उस पर विचार किया जाएगा…यानी राज्य सरकार ने इन दोनों शहरों में भी दो-दो नगर निगम बनाने का मन बना लिया है.

वही इसे लेकर सियासत शुरू हो गई..इंदौर सांसद शंकर लालवानी ने कहा कि नगर निगम को दो भागों में नहीं बांटा जाना चाहिए….बाँटने की बजाय आसपास के क्षेत्रों को जोड़ा जाए…जोन व्यवस्था को सर्कार शसक्त करे.. जोन अध्यक्ष को मिनी महापौर का अधिकार देने चाहिए..कांग्रेस को हार का डर है…

वही इंदौर के प्रभारी मंत्री और प्रदेश के गृहमंत्री बाला बच्चन का कहना है कि उनके संज्ञान में मामला आया है….लेकिन सीएम कमलनाथ चहुंमुखी विकास को ध्यान में रखकर और सभी तथ्यों के आधार पर फैसला लेंगे

उधर पूर्व मंत्री विश्वास सारंग ने भी कमलनाथ सरकार पर नगर निगम का बंटवारा कर राजनितिक रोटियां सेकने का आरोप लगाया

मध्य प्रदेश में फिलहाल 16 नगर निगम हैं, जिन पर 16 मेयर बीजेपी के काबिज हैं. ऐसे में राज्य की कांग्रेस सरकार अब इन नगर निगमों पर अपने महापौर बनाना चाहती है. इसलिए पहले मेयर के चुनाव सीधे न कराकर पार्षदों में से मेयर चुनने का अध्यादेश जारी कर दिया. अब बड़े नगर निगमों को बांटने की कवायद शुरू हो गई है. भोपाल को दो भागों में बांटने के बाद अब प्रदेश की व्यापारिक राजधानी इंदौर और संस्कारधानी जबलपुर में भारतीय जनता पार्टी को समेटने के लिए कांग्रेस ने योजना बना ली है. इसलिए भोपाल की तर्ज पर इंदौर और जबलपुर नगर निगम को भी दो हिस्सों में बांटने पर मंत्री ने एक तरह से अपनी सहमति दे दी है वो इसके पीछे शहरों के विकास और जनता के काम तेजी से होने का हवाला दे रहे हैं. हालांकि कहा ये भी जा रहा है कि इसके पीछे कांग्रेस की मंशा यही है कि सालों से नगरीय निकायों से काबिज बीजेपी को नेताओं को हटा दिया जाए.

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