Virtual Cabinet: चंबल एक्सप्रेस वे अब कहलाएगा चंबल प्रोग्रेस वे, जानें अन्य फैसले!

Virtual Cabinet: चंबल एक्सप्रेस वे अब कहलाएगा चंबल प्रोग्रेस वे, जानें अन्य फैसले!
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भोपाल .  कोरोनावायरस महामारी ने आम जनजीवन को बूरी तरह प्रभावित किया है। इससे सरकारी कामकाज भी प्रभावित हुए हैं। मध्य प्रदेश में इस महामारी के प्रकोप का आलम ये है कि क्या आम और खास सभी इससे प्रभावित हुए हैं। सूबे के मुखिया, मंत्री, विधायक और अधिकारी अब तक इससे संक्रमित हो चुके हैं। स्थिति की जटिलता को देखते हुए शिवराज सरकार ने वर्चुअल कैबिनेट बैठक करने का फैसला लिया। इस बैठक के साथ ही सीएम शिवराज ने देश में पहली बार वर्चुअल कैबिनेट बैठक करने का इतिहास भी रच दिया।

इस बैठक में राज्य सरकार ने कई बड़े फैसले लिए, जो आने वाले दिनों में प्रदेश के लिए लाभकारी साबित हो सकते हैं। सरकार ने ग्वालियर – चंबल की सबसे बहुप्रतिक्षित और ड्रीम प्रोजेक्ट मानी जानी वाली चंबल एक्सप्रेस वे का नाम चंबल प्रोग्रेस वे रखने का निर्णय लिया है। यह परियोजना चंबल क्षेत्र की दिशा और दशा बदलने का काम करेगी। परियोजना में सड़क के दोनों ओर औद्योगिक क्षेत्र विकसित किए जाएंगे। साथ ही टाउनशिप भी बनाई जाएगी।

वही गृह एवं जेल विभाग के मंत्री डॉ नरोत्तम मिश्रा ने कैबिनेट की जानकारी देते हुए बताया कि बैठक में मुख्यमंत्री ने सभी मंत्रियों को निर्देश दिए हैं कि वे आत्मनिर्भर मध्य प्रदेश की कार्ययोजना 15 अगस्त तक तैयार कर लें। इसके अलावा सरकार ने 22 ग्राम पंचायतों को फिर नगर पंचायत बनाने का फैसला किया गया है।  प्रदेश में ग्रामीण पथ विक्रेता को व्यवसाय के लिए बैंकों से दस हजार रुपए का ब्याज मुक्त ऋण दिलाया जाएगा।  अगस्त के पहले सप्ताह से स्ट्रीट वेंडर्स को दिया जाने वाला 10 हजार का लोन निश्चित तोर पर कोरोना काल में छोटे  रेहड़ी व्यपारियो के लिए मददगार साबित होगी।  बशर्त है जमीनी स्तर  पर गरीबों को  लाभ मिले।

 

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