सरकारी दावों की खुली पोल, मौत के साए में पढ़ने को मजबूर है मासूम!

सरकारी दावों की खुली पोल, मौत के साए में पढ़ने को मजबूर है मासूम!
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देवास | प्रदेश सरकार लाख दावे करे की प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा के लिए पढ़ने वाले मासूम बच्चों के लिए पर्याप्त सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही है, लेकिन सारे दावों की हक़ीक़त ये जर्जर सरकारी स्कूल बयां करने के लिए काफी है जहां मौत के साए में पड़ने को मजबूर है मासूम..

पढ़ना हर बच्चे के लिए जरुरी है क्योंकि पढ़ेगा इंडिया तभी तो बढ़ेगा इंडिया…पर धरातल पर ये बात कितनी सच साबित हो रही है? क्योंकि एक और सरकार पढ़ने की मुखालपत कर रही है तो दूसरी और मौत के साए में पड़ने को मजबूर है ये नन्हें मासूम……प्रदेश सरकार लाख दावे करे की प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा के लिए पढ़ने वाले मासूम बच्चों के लिए पर्याप्त सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही है, लेकिन सारे दावे देवास जिले के बागली विकासखंड के कमलापुर संकुल के अंतर्गत संचालित शासकीय प्राथमिक स्कूल साकल घाट,रामसिंहपुरा,ब्लॉक मजरा मे हकीकत को झूठा साबित करने के लिए काफी हैं….
लंबा अर्सा गुजर जाने के बाद भी प्रशासन ने इन स्कूलों की सुध ही नहीं ली है। इसके कारण छात्र-छात्राएं खुले आसमान नीचे बैठकर पढ़ाई करने मजबूर हैं। बारिश का मौसम भी शुरू हो गया है। बच्चों के सामने गीली जमीन पर और उजड़े छप्पर के पढ़ाई करने को मजबूर है , आपको जान कर हैरानी होगी शिवराज सरकार में शिक्षा मंत्री रहे दीपक जोशी इसी इलाके से चुन कर आते थे…कई बार शिक्षकों ने सरकार को बदहाली को बयां करने वाले खत भी लिखे लेकिन जिम्मेदारों के कानों तक जु तक नहीं रेंगी….
वही अब हाटपिपल्या से कांग्रेस विधायक मनोज चोधरी का दावा है की उनकी सरकार को आये चंद महीने ही गुजरे है लिहाजा आने वाले दिनों में स्कूल की समस्या को देखते हुए जरुरी कदम उठाएंगे..
कुलमिलाकर, बच्चे स्कूल आते हैं लेकिन बरसात में जमीन गिली, ऊपर छत खुली, तो क्या करें वापस घर की ओर लौट जाते हैं, शिक्षक और ग्रामीण स्कूल की मरम्मत की मांग को लेकर सैकड़ों बार अधिकारियों के दफ्तरों के चक्कर लगा चुके लेकिन हर बार निराशा ही हाथ लगी है…

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