गैंगस्टर विकास दुबे की गिरफ्तारी पर शुरू हुई सियासत, विपक्ष ने उठाए सवाल!

गैंगस्टर विकास दुबे की गिरफ्तारी पर शुरू हुई सियासत, विपक्ष ने उठाए सवाल!
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उज्जैन .  कानपुर के बिकरू गांव में डीएसपी स्तर के अधिकारी समेत आठ पुलिसकर्मियों की हत्या करके सनसनी पैदा करने वाले यूपी के कुख्यात गैंगस्टर विकास दुबे की गिरफ्तारी हो चुकी है। बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन में पुलिस के हत्थे चढ़ा इस खुंखार अपराधी की गिरफ्तारी पर अब सियासत शुरू हो गई है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान जहां इसे एमपी पुलिस की बड़ी कामयाबी बताते हुए अपनी सरकार का पीठ थपथपा रहे हैं। वहीं विपक्ष इस गिरफ्तारी पर सवाल खड़े कर रहा है।

पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने ट्वीट करते हुए कहा- उत्तरप्रदेश पुलिस के एनकाउंटर से बचने के लिए यह एक प्रायोजित सरेंडर लग रहा है। दिग्विजय सिंह ने दावा करते हुए कहा कि उन्हें सूचना है कि मध्यप्रदेश भाजपा के एक वरिष्ठ नेता के सौजन्य से यह संभव हुआ है। उनका ईशारा गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा की तरफ थी। प्रदेश के पूर्व गृह मंत्री बाला बच्चन भी कुछ ऐसा ही आरोप लगा चुके हैं। पूर्व मंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता पीसी शर्मा ने भी सवाल खड़े करते हुए कहा कि मध्य प्रदेश इस तरह के गैंगस्टर के लिए चारागाह बन गया है।

दुबे के बीजेपी नेताओं से सम्बंध थे इसलिए वो मप्र आया। शर्मा ने इसे शरण औऱ सरेंडर का खेल बताते हुए मामले की जांच करने की मांग की है। वहीं उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इसे पूरे घटनाक्रम पर कुछ सवाल उठाए हैं। अखिलेश यादव ने ट्वीट करते हुए कहा, ख़बर आ रही है कि ‘कानपुर-काण्ड’ का मुख्य अपराधी पुलिस की हिरासत में है। अगर ये सच है तो सरकार साफ़ करे कि ये आत्मसमर्पण है या गिरफ़्तारी। साथ ही उसके मोबाइल की CDR सार्वजनिक करे जिससे सच्ची मिलीभगत का भंडाफोड़ हो सके। कुल मिलाकर यूपी के इस दुर्दांत अपराधी के मध्य प्रदेश में गिरफ्तारी के साथ ही प्रदेश की सियासत गरमा गई है। विपक्ष गिरफ्तारी के तरीके पर सवाल उठाकर सरकार को घेरने में जुटा हुआ है।

 

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