लोकसभा चुनाव की तारीखों पर सवाल !

लोकसभा चुनाव की तारीखों पर सवाल !
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मध्यप्रदेश – रमजान के दौरान लोकसभा चुनाव के मतदान होने को लेकर देशभर में बवाल मचा हुआ है..विपक्ष द्वारा केंद्र सरकार पर मुस्लिम वोट बैंक को प्रभावित करने का आरोप लगाया जा रहा…

इस बीच प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चैहान का बयान सामने आया है.

2019 की महाभारत का ऐलान होते ही चुनाव तारीखों पर भी संग्राम शुरू हो गया है. कुछ विपक्षी दल जहां केंद्र सरकार के प्रभाव का आरोप लगाते हुए चुनाव घोषणा की टाइमिंग पर सवाल उठा रहे हैं तो वहीं पवित्र माह रमजान के दौरान वोटिंग पर भी सियासी बयानबाजी होने लगी है. इसकी अहम वजह कुल 543 में से 169 लोकसभा सीटों पर रमजान के दौरान वोटिंग होना भी है.

खासकर यूपी, बिहार, पश्चिम बंगाल और दिल्ली की अधिकतर सीटों पर आखिरी तीन चरण में ही मतदान होना है…ऐसे में कहा जा रहा है कि रमजान के दौरान वोटिंग होगी तो मुस्लिम वोट बैंक प्रभावित होगा इसलिए चुनाव की तारीख बदलना चाहिए…वही इस विवाद में पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चैहान भी कूद गए और उन्होंने कहा कि विपक्ष पहले से हार की भूमिका तैयार कर रहा है..

चुनाव 5 साल में होते है और नियत समय पर होते है..कोई कारण नहीं है जिससे चुनाव टाले जाए..

चुनाव तारीखों की घोषणा करते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा ने बताया कि इस बार सात चरणों में लोकसभा चुनाव कराए जाएंगे.

इस साल रमजान का महीना 5 मई से शुरू हो रहा है. यानी 6, 12 और 19 मई को होने वाली आखिरी तीन चरणों की वोटिंग रमजान के दौरान होगी. चूंकि रमजान के दौरान मुस्लिम समाज के लोग सुबह सवेरे से शाम तक बिना कुछ खाए-पिए रोजा रखते हैं,

ऐसे में ये सवाल उठाए जाने लगे हैं कि रोजे और भीषण गर्मी के दौरान मुस्लिम मतदाता घंटों तक लाइन में लगकर कैसे वोटिंग में हिस्सा ले पाएंगे.

अगर ऐसा हुआ तो इन राज्यों के मुस्लिम बहुल इलाकों में वोटिंग का प्रतिशत कम रह सकता है और अगर वोटिंग का गणित ऐसा रहा तो स्थानीय तौर पर मुस्लिम मतदाता जिन पार्टियों को भी वोट देते हैं, उनकी विरोधी पार्टी के उम्मीदवारों को इसका फायदा मिल सकता है.

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