शुभ फलदायी है यह शनि अमावस्या, ऐसे उठाएं लाभ

शुभ फलदायी है यह शनि अमावस्या, ऐसे उठाएं लाभ
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शनि संबंधी जितने भी दोष-बाधाएं है वे सभी पूजा एवं मंत्र जाप से दूर करने के लिए इस शनिश्चरी अमावस्‍या पर आसानी से प्रयोग कर सकते हैं.

शनि संबंधी जितने भी दोष-बाधाएं है वे सभी पूजा एवं मंत्र जाप से दूर करने के लिए इस शनिश्चरी अमावस्‍या पर आसानी से प्रयोग कर सकते हैं.

एमपी न्यूज़ डेस्क – अमावस्या तिथि विशेष प्रभाव की तिथि मानी जाती है. इस दिन स्नान, दान और पूजा उपासना का विशेष महत्व होता है. अगर यह अमावस्या शनिवार को पड़ जाती है तो यह और भी फलदायी हो जाती है. शनि अमावस्या पर विशेष प्रयोगों से शनि की कृपा आसानी से मिल सकती है. ख़ास तौर से रोजगार और नौकरी की समस्याएं आसानी से दूर हो सकती हैं.

आज के दिन शनिचर अमावस्या है. शनि संबंधी जितने भी दोष-बाधाएं है वे सभी पूजा एवं मंत्र जाप से दूर करने के लिए इस शनिश्चरी अमावस्‍या पर आसानी से प्रयोग कर सकते हैं. शनि की कृपा के बिना कोई भी अपनी आजीविका नहीं चला सकता है और धन प्राप्ति नहीं कर सकता है और अगर शनि की कृपा हो जाए तो आर्थिक लाभ और व्यापार में प्रगति होती है,

आइए जानते हैं किन उपायों से इस शनि अमावस्या पर शनि देव को करें प्रसन्न-

साढ़े साती से बचने का उपाय- एक लोहे का छल्ला ले आएं. उसे शनिवार की सुबह सरसों के तेल में डुबा कर रख दें. शाम को शनिदेव के मन्त्रों का जाप करें. उनकी विधिवत आरती करें. इसके बाद लोहे के छल्ले को बाएं हाथ की मध्यमा अंगुली में धारण कर लें.

नौकरी या रोजगार पाने के लिए इस दिन क्या करें- सायंकाल पीपल के वृक्ष के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाएं. इसके बाद “ॐ शं शनैश्चराय नमः” का जाप करें. एक काला धागा पीपल वृक्ष की डाल में बाँध दें. इसमें तीन गाँठ लगाएं.

शनि देव की पूजा प्रदोष काल या रात्रि में करें. चाहें तो इस दिन व्रत भी रख सकते हैं. पीपल के वृक्ष के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाएं. इसके बाद शनि चालीसा या शनि मंत्र का जाप करें.

इस दिन काले उड़द की दाल की खिचड़ी काला नमक डालकर खाएं. इससे भी शनि दोष के कारण होने वाले कष्टों में कमी आती है.

शनि को प्रसन्न करने के लिए शनि मंदिर में शनि का हवन करें, आम की लकड़ी जलाकर हवनसामग्री और काले तिल की आहुती दें.

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