घटिया चावल मामले में बैकफुट पर शिवराज सरकार, लापरवाह अधिकारियों की खेर नहीं!

घटिया चावल मामले में बैकफुट पर शिवराज सरकार, लापरवाह अधिकारियों की खेर नहीं!
Spread the love

भोपाल .  पीडीएस के तहत लॉकडाउन में बांटे गए घटिया चावल को लेकर प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। केंद्र सरकार की रिपोर्ट आने के बाद बैकफुट पर पहुंची शिवराज सरकार अब मामले में दोषियों के खिलाफ सख्त कारवाई करने में जुटी हुई है। दरअसल बीते दिनों मोदी सरकार की एक रिपोर्ट ने मध्य प्रदेश में सियासी भूचाल ला दिया है। केंद्र सरकार की इस रिपोर्ट में कहा गया है कि मंडला और बालाघाट जिले के वेयरहाउस में रखे गए सार्वजनिक वितरण प्रणाली के चावल की जांच में पाया गया है कि वो इंसानों के खाने के लायक नहीं हैं, केवल बकरी-भेड़ के खाने लायक है। केंद्र की इस रिपोर्ट के बाद कांग्रेस ने शिवराज सरकार पर निशाना साधते हुए इसे  अमानवीय कृत्य करार दिया है। पूर्व मंत्री पीसी शर्मा ने इस मामले को लेकर खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री बिसाहू लाल सिंह पर कटाक्ष करते हुए कहा कि इसी लिए कमलनाथजी ने उन्हें अपनी सरकार में मंत्री नहीं बनाया था।

वहीं इस मामले को गंभीरता से लेते हुए सरकार ने तुरंत कार्रवाई की है। जिला प्रबंधक को निलंबित कर दिया गया है। मिलर्स के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। सीएम शिवराज ने कड़ा रूख अख्तियार करते हुए मामले की जांच EOW को सौंप दिया है। वहीं गृह मंत्री डॉ नरोत्तम मिश्रा ने कांग्रेस के आरोपों पर कहा कि ये चावल तो कमलनाथ की सरकार ने खरीदा था, इसे हमारी केंद्र की भाजपा सरकार ने पकड़ा है। इसलिए कमलनाथजी को माफी मांगनी चाहिए। बता दें कि रिपोर्ट आने के बाद केंद्रीय खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय ने मध्यप्रदेश के सभी सार्वजनिक वितरण केंद्रों के चावल बांटने पर रोक लगा दी। कुल मिलाकर अब आगे की जो भी कारवाई हो मगर इसने सरकार के खोखले तंत्र का पर्दाफाश कर दिया है।

COMMENTS

WORDPRESS: 0
DISQUS: 0
© 2021 MP NEWS AND MEDIA NETWORK PRIVATE LIMITED