राज्यसभा चुनाव जीतने के बाद टेंशन में सीएम शिवराज !

राज्यसभा चुनाव जीतने के बाद टेंशन में सीएम शिवराज !
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भोपाल –  कमलनाथ की रणनीति को शिकस्त देते हुए मध्य प्रदेश में भाजपा राज्यसभा की तीन में से 2 सीटों पर जीत तो गयी। लेकिन फिर भी पार्टी में अंदरखाने हड़कंप मचा हुआ है। इसकी वजह है उसके पांच बार के विधायक और पूर्व राज्यमंत्री गोपीलाल जाटव ने कांग्रेस के पक्ष में मतदान करके सबको चौंका दिया। अभी तक सभी यह मान रहे थे कि बीजेपी का किला सबसे महफूज है और विधायकों में टूट कांग्रेस में हो सकती है। मगर गुना भाजपा विधायक ने सबको चौंका दिया है।

जाटव ने भले ही सफाई दे दी कि वो महज चूक है, लेकिन पार्टी इसे इतने हल्के में लेती नहीं दिख रही। क्योकि ऐसे वरिष्ठ भाजपा विधायक से इतनी बड़ी गलती हो जाना कई सवाल खड़े कर रही हैं। आपको बता दें ऐसा तब हुआ है जब भाजपा ने दिल्ली से आए वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में दो बार विधायकों से मॉकपोल कराया था। । बीजेपी विधायक के क्रॉस वोटिंग ने कांग्रेस को बड़ा मुद्दा दे दिया है। कांग्रेस ने इसे बीजेपी के अंदर पनप रहे असंतोष बताया है। पूर्व मंत्री पीसी शर्मा ने तो इसे मणिपुर में चल रहे सियासी संकट तक से जोड़ दिया है।

हालांकि, इससे चुनाव नतीजों पर कोई फर्क नहीं पड़ा, लेकिन यह सवाल खड़ा हो रहा है कि क्या बीजेपी का मैनेजमेंट फेल हो गया? वो पार्टी के इस विधायक को अपने साथ क्यों नहीं रख पायी? पार्टी विधायक ने पार्टी लाइन से अलग जाकर ऐसा क्यों किया?  बताया जा रहा है शिवराज सरकार बनने के बाद गुना विधायक खुद को वरिष्ठता क्रम में शीर्ष पर आंकते हुए मंत्री पद पर दावेदारी ठोकी थी, मगर उनके दावेदारी को ठुकरा दिया गया। माना जा रहा है कि तभी से वह नाराज चल रहे हैं।

हालांकि बीजेपी और गोपीलाल जाटव दोनों नाराजगी के किसी भी बात से पल्ला झाड़ रहे हैं। लेकिन फिर भी सिंधिया के भाजपा में शामिल होने के बाद से पार्टी के कुछ वरिष्ठ नेताओँ की नाराजगी किसी से छिपी नहीं है। ग्वालियर – चंबल में तो कुछ बड़े नेताओं ने पार्टी को अलविदा भी कह दिया है। ऐसे में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और ज्योतिरादित्य सिंधिया की नई नवेली जोड़ी केलिए ये उपचुनाव आसान नहीं रहने वाले। विपक्षी कांग्रेस बीजेपी में मचे अंदरुनी घमासान का पूरा फायदा उठाने में जुटी हुई है।

 

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