मन की नहीं कर पा रहे शिवराज, आखिर क्या है विष पीने का राज !

मन की नहीं कर पा रहे शिवराज, आखिर क्या है विष पीने का राज !
Spread the love

भोपाल . मंथन से अमृत ही निकलता है विष तो शिव पी जाते हैं। यह कहना है सूबे के सीएम शिवराज सिंह चौहान का। आपको बता दें ये बयान तब आया है जब मंत्रिमंडल को लेकर देरी हो रही थी। वहीं इस बयान के कई मायने भी निकाले जा रहे है। कहीं ये बयान शिवराज की अंतर्मन की पीढ़ा को बयां तो नहीं कर रहा है। दरअसल शिवराज मंत्रिमंडल को लेकर प्रदेश का सियासी सेंसेक्स जमकर उछाल मार रहा है।

पल-पल सियासी तस्वीर बदल रही है। कोई 2 डिप्टी सीएम के फॉर्मूले का हवाला दे प्रदेश में नई राजनीति को हवा दे रहा है तो कोई सीएम शिवराज के पावर को डिसेंट्रलाइज करने का संकेत दे रहा है। हालांकि यह तो तय हो गया है की 2 जुलाई को टीम शिवराज के मंत्रिमंडल का विस्तार हो जायेगा। लेकिन सूत्र तो इस बाद का भी इशारा कर रहे हैं की बीजेपी आलाकमान शिवराज सिंह चौहान के पंख कुतरने की तैयारी में है। इसीलिए इस बार का मंत्रिमंडल थोड़ा अलग होगा और इसमे पहले की तरह शिवराज की छाप शायद कम देखने को मिले।

शिवराज सिंह का विषपान वाला बयान इस तमाम दावों की हकीकत भी बयां करता हुआ नजर आ रहा है। ऐसे में अब सवाल उठता है कि प्रदेश के इस सियासी मंथन का अमृत कौन पी गया और क्यों शिव के हिस्से केवल विष ही हाथ लगा। बहरहाल इस बार के मंत्रिमडंल से सीएम शिवराज की सियासी ताकत का अंदाजा लग जाएगा। आपको बता दें राज्य में चौथी बार सत्ता की बागडोर संभाल रहे शिवराज इस बार सबसे कठिन दौर से गुजर रहे हैं, जहां उन्हें बाहर के बजाय अंदर से ही कड़ी चुनौती मिल रही है।

 

COMMENTS

WORDPRESS: 0
DISQUS: 0
© 2021 MP NEWS AND MEDIA NETWORK PRIVATE LIMITED