पवई में होगा उपचुनाव, BJP- कांग्रेस में खलबली!

पवई में होगा उपचुनाव, BJP- कांग्रेस में खलबली!
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भोपाल – झाबुआ उपचुनाव में हार के बाद भाजपा को एक और बड़ा झटका लगा है| कोर्ट के फैसले के बाद बीजेपी विधायक प्रहलाद लोधी की सदस्यता ख़त्म हो गई है| वही बीजेपी ने इस फैसले का विरोध करते हुए सुप्रीम कोर्ट तक जाने की बात कही है..

10 दिन पहले झाबुआ विधानसभा उपचुनाव में मिली करारी हार के बाद भाजपा को एक और झटका लगा है। तहसीलदार से मारपीट और बलवे के मामले में राजधानी की विशेष अदालत द्वारा दोषी ठहराए गए पन्ना जिले की पवई सीट से भाजपा विधायक प्रहलाद लोधी की सदस्यता विधानसभा ने शनिवार को समाप्त कर दी। साथ ही नोटिफिकेशन की प्रक्रिया कर केंद्रीय चुनाव आयोग को पवई सीट रिक्त होने की सूचना भी भेज दी। गुरुवार को न्यायालय ने लोधी को दो साल की सजा दी थी। इस फैसले की प्रमाणित प्रति शनिवार को विधानसभा पहुंची तो अध्यक्ष एनपी प्रजापति ने कोर्ट के फैसले के पालन में लोधी की सदस्यता समाप्त कर दी

लोधी समेत 12 लोगों पर आरोप था कि उन्होंने रेत खनन के खिलाफ कार्रवाई करने वाले रैपुरा तहसीलदार को बीच रोड पर रोककर मारपीट की। बलवा किया। सांसदों-विधायकों के मामले देखने वाली विशेष अदालत ने उन्हें दो साल की सजा सुनाई थी। इस घोषणा से पवई विधानसभा सीट खाली हो गई है, जिस पर अब उपचुनाव कराए जाएंगे. झाबुआ विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव का परिणाम आने के तुरंत बाद इस तरह के राजनीतिक घटनाक्रम से भाजपा को झटका लगा है. विधानसभा में पार्टी के विधायकों की संख्या घटकर अब 107 रह गई है. वहीं, विधानसभा स्पीकर के निर्णय के बाद मामले पर राजनीति भी शुरू हो गई है. विधायक प्रह्लाद लोधी की सदस्यता शून्य होने को लेकर बीजेपी ने विधानसभा के अध्यक्ष के फैसले पर सवाल उठाया है.

वही इस मामले को लेकर सीएम कमलनाथ ने कहा कि पंद्रह साल से भाजपा कार्यकर्ताओं और नेताओं के कारनामे सामने आ रहे हैं, अभी और सामने आएंगे| यह मामला आज सामने आया है, ऐसे मामले हर हफ्ते आएंगे, हर महीने सामने आएंगे|

विधानसभा का कहना है कि दि रिप्रेजेंटेशन ऑफ़ दि पीपुल एक्ट 1951 की धारा में स्पष्ट है कि यदि किसी जनप्रतिनिधि को दो साल या इससे अधिक सजा हुई है तो वह अयोग्य हो जाएगा। सिर्फ दो साल से कम सजा मिलने पर ही अपील, सुनवाई और फैसला होने तक सदस्यता बरकरार रहती है। इसका प्रावधान 8 (4) में है। इसमें 30 से लेकर 60 दिन का वक्त अपील के लिए मिलता है।

मध्यप्रदेश विधानसभा की तस्वीर को समझे तो कांग्रेस के पास 115 विधायक है और बीजेपी को झाबुआ और पवई सीट का झटका लगने के बाद संख्या बल 107 हो गई है…ऐसे में कांग्रेस के पास मौका है पवई सीट जीतने का..

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