बागली में मासूम को जंगल में फेंका, पुलिस ने निर्दयी मां को सलाखों के पीछे भेजा।

बागली में मासूम को जंगल में फेंका, पुलिस ने निर्दयी मां को सलाखों के पीछे भेजा।
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बागली- देवास जिले के बागली में कुछ दिन पहले बरझाई घाट के जंगल में मिली लापता नवजात बच्ची के आरोपी माता-पिता का पुलिस ने पता लगाकर हिरासत में ले लिया है. वहीं मासूम का इलाज चल रहा है.

मामला देवास जिले के बागली का है जहां 3 अगस्त की सुबह बागली थाना क्षेत्र के बरझाई घाट के जंगल में एक 3 दिन की मासूम नवजात बच्ची जीवित अवस्था में लावारिस पड़ी हुई मिली थी. दरअसल आरोपित सुनिता पति संतोष निवासी ग्राम खयडीपुरा ने 31 जुलाई को शासकीय अस्पताल बागली में बच्ची को जन्म दिया था और 1 अगस्त को अस्पताल से डिस्चार्ज होने के बाद गावं जाते समय शाम को बरझाई घट पर माँ ने बच्ची को फेक दिया था. वहीं डायल हंड्रेड एवं पुलिस द्वारा बागली स्वास्थ्य केंद्र
पर बच्ची को लाया गया जहां पर प्राथमिक उपचार कर जिला अस्पताल देवास रेफर कर दिया गया था.

पुलिस द्वारा अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच में जुट गई थी. पुलिस ने जांच कर मासूम के निर्दयी माता-पिता को ढूंढ निकाला और अपनी गिरफ्त में ले लिया. पुलिस की पड़ताल में यह बात सामने आई है कि बच्ची की मां की पहले ही तीन बेटियां है और यह चौथी बच्ची थी. उन्हें बेटे की चाह थी इसलिए इस बच्ची को मरने के लिए घाट पर ही छोड़ गए थे. जन्म से ही बच्ची का उपर वाला होंठ कटा हुआ होने के कारण अस्पताल के स्टाफ ने बच्ची को देखते ही पहचान लिया था.

कुल मिलाकर पुलिस द्वारा निर्दयी माता-पिता के खिलाफ केस दर्ज कर सोमवार को न्यायालय में पेश किया गया जहां से दोनों को जेल भेज दिया गया है. हालांकि बच्ची का उपचार जिला अस्पताल में चल रहा है.

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