क्या सिंधिया को टक्कर दे पाएंगे शेजवलकर?

क्या सिंधिया को टक्कर दे पाएंगे शेजवलकर?
Spread the love

ग्वालियर | सिंधिया राजघराने के गढ़ ग्वालियर से भाजपा ने ग्वालियर महापौर और संघ के करीबी माने जाने वाले विवेक नारायण शेजवलकर को अपना उम्मीदवार बनाया है ..ऐसा भी माना जा रहा है कि ग्वालियर में बीजेपी की आपसी गुटबाजी से बचने के लिए उन्हें टिकट दिया गया है साथ ही साफ-सुथरी छवि का फायदा भी भाजपा को मिल सकता है.
ग्वालियर का नाम आते है ही जहन में सिंधिया राजघराने की छबि बनने लगती है,सिंधिया राजघराने का इस सीट से गहरा संबंध रहा है ..पार्टियां चाहे फिर कांग्रेस हो या बीजेपी लेकिन सांसद सिंधिया राजघराने का ही होता था ..चाहे बात करे राजमाता विजय राजे सिंधिया की ,माधव राव सिंधिया की या फिर यशोधरा राजे सिंधिया की हर बार ग्वालियर पर इसी परिवार का कब्ज़ा रहा….वर्त्तमान में केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर वहां से सांसद है ..लेकिन ग्वालियर में गुटबाजी के चलते तोमर की जगह ग्वालियर के मौजूदा महापौर विवेक शेजवलकर को दी है….नरेंद्र सिंह तोमर को मुरैना से टिकट दिया गया है …

दरअसल, ताई के इंदौर से चुनाव ना लड़ने के बाद विवेक शेजवलकर को टिकट देने से बीजेपी को मराठी वोटरों का समर्थन मिलने की उम्मीद है. विवेक नारायण शेजवलकर के पिता कृष्ण नारायण शेजवलकर ग्वालियर से भारतीय लोकदल एवं जनता पार्टी की टिकट पर दो बार लोकसभा चुनाव जीत चुके है ..लिहाजा भाजपा ने उनके नाम पर मुहर लगाई ..ऐसे में सिंधिया के लिए सरदर्द बन सकते शेजवलकर..

खास बात यह है कि इनके पिता नारायण कृष्ण राव शेजवलकर जनसंघ और बीजेपी के संस्थापक सदस्य रहे हैं. ऐसा भी माना जा रहा है कि ग्वालियर में बीजेपी की आपसी गुटबाजी से बचने के लिए उन्हें टिकट दिया गया है. जहां तक टिकट की बात है, वे बीजेपी नेताओं के बीच सर्वमान्य नेता साबित हो सकते हैं. साथ ही शेजवलकर की मराठी वोटरों पर अच्छी पकड़ है बहरहाल भाजपा के शेजवलकर के सामने क्या ज्योतिरादित्य सिंधिया मैदान में कूदेंगे या फिर अपनी अपत्नी प्रियदर्शनी राजे सिंधिया को मैदान में उतरेंगे ? यह देखने वाली बात होगी है..

 

COMMENTS

WORDPRESS: 0
DISQUS: 0
© 2021 MP NEWS AND MEDIA NETWORK PRIVATE LIMITED