MP: कौन है अंतर सिंह आर्य?, जिन्होंने ने खोला मोनालिसा के नाबालिग होने का राज!

“महज 72 घंटे में मोनालिसा और फरमान की पिक्चर फ्लॉप हो गई। जिस वायरल मोनालिसा को अब तक बालिग बताया जा रहा था… वो नाबालिग निकली, इस पूरे खुलासे के पीछे हैं एक नाम है राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग यानी NCST के अध्यक्ष अंतर सिंह आर्य। केरल से लेकर मध्यप्रदेश तक फैले इस पूरे नेटवर्क की परतें अंतर सिंह आर्य के नेतृत्व में एक-एक कर खुलती चली गईं। आखिर कौन हैं अंतर सिंह आर्य? और कैसे 72 घंटे में उन्होंने उजागर कर दी पूरी सच्चाई?
देशभर में चर्चा का विषय बनी ‘मोनालिसा’ की कहानी अब एक बड़े खुलासे में बदल चुकी है। इस खुलासे की कमान राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष अंतर सिंह आर्य ने संभाली जिन्होंने खुद इस मामले को गंभीरता से लिया और जांच टीम गठित की। अंतर सिंह आर्य एक ऐसा नाम, जो जनजातीय अधिकारों की रक्षा और संवेदनशील मामलों में तेज कार्रवाई के लिए जाना जाता है। और इस केस में भी उन्होंने वही सख्ती और तत्परता दिखाई।
जांच की शुरुआत केरल के नयनार देवा मंदिर से हुई , जहां शादी की कहानी सामने आई थी। मंदिर प्रशासन और ग्राम पंचायत के रिकॉर्ड में शादी का पंजीकरण तो मिला… लेकिन जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ी… सच्चाई बदलती गई।” अंतर सिंह आर्य के निर्देश पर गठित टीम ने केरल से लेकर मध्यप्रदेश तक गहन छानबीन की सलाहकार प्रकाश और निदेशक पी. कल्याण रेड्डी की टीम ने हर कड़ी को जोड़ा और पाया कि शादी का आधार बने दस्तावेज ही संदिग्ध हैं। जांच में सामने आया कि मोनालिसा का जन्म प्रमाण पत्र फर्जी है…मीडिया के सामने खुद मोनालिसा के पिता ने भी खुलासा किया…
टीम ने महेश्वर के सरकारी अस्पताल के रिकॉर्ड खंगाले , और यहीं से सामने आया सबसे बड़ा सच…अस्पताल के आधिकारिक दस्तावेजों के मुताबिक मोनालिसा का जन्म 30 दिसंबर 2009 को शाम 5 बजकर 50 मिनट पर हुआ था। यानी साफ है कि मोनालिसा नाबालिग है।
अंतर सिंह आर्य के नेतृत्व में इस पूरी जांच ने महज 72 घंटों में केरल से महेश्वर तक फैले पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश कर दिया। बता दे कि अंतर सिंह आर्य सेंधवा से बीजेपी के कद्दावर नेता है और मध्यप्रदेश सरकार में कई बार मंत्री रह चुके है , और फ़िलहाल राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष है।



