MP: CM मोहन यादव ने बताई ‘जी राम जी’ की खासियत, क्या है इसमें खास, जानिए

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने संयुक्त रूप से प्रेस कॉन्फ्रेंस कर ‘जी राम जी योजना’ को लेकर स्थिति साफ की है। मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर भ्रम फैलाने का आरोप लगाते हुए कहा कि, विपक्ष तथ्यात्मक बात नहीं कर रहा है। सरकार ने योजना के उद्देश्यों, बजट व्यवस्था और रोजगार मॉडल को विस्तार से सामने रखा।
राजधानी भोपाल में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर ‘जी राम जी योजना’ को लेकर सरकार का पक्ष रखा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बताया कि ‘जी राम जी योजना’ रोजगार आधारित कार्यों को बढ़ावा देने के लिए शुरू की गई है। इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा पर्याप्त बजट का प्रावधान किया गया है। केंद्र सरकार ने राज्य सरकार को छह माह के भीतर इस योजना को अधिसूचित करने के निर्देश दिए हैं और राज्य सरकार जल्द ही इसका नोटिफिकेशन जारी करेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि, योजना के तहत मजदूरों के लिए काम की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी। इस योजना में केंद्र सरकार 60 प्रतिशत और राज्य सरकार 40 प्रतिशत राशि वहन करेगी। योजना में जनकल्याणकारी कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी, जिससे प्रदेश के ग्रामीण और श्रमिक वर्ग को सीधा लाभ मिलेगा। सरकार की ओर से बताया गया कि योजना के अंतर्गत मजदूरों को 125 दिनों का रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि, कांग्रेस इस योजना को लेकर जनता में भ्रम फैला रही है, जबकि विपक्ष अगर किसी कमी की बात करता है तो उसे तथ्यात्मक आधार पर सामने लाना चाहिए।
वहीं बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि, कांग्रेस इस योजना को लेकर जानबूझकर भ्रम फैला रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि योजना इस तरह तैयार की गई है कि जब खेती का मौसम हो तो किसान खेती कर सकें और जब मजदूरी का समय हो तो किसान और मजदूर रोजगार से जुड़ सकें। ‘जी राम जी योजना’ को लेकर सरकार ने अपना पक्ष साफ कर दिया है, लेकिन सियासी बयानबाजी भी तेज हो गई है।



