MP: CM मोहन यादव की संवेदनशीलता, कड़ाके की ठंड में रैन बसेरे का निरीक्षण

कड़ाके की ठंड के बीच मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने संवेदनशीलता और मानवीय सरोकार की एक बड़ी मिसाल पेश की है। सत्ता के शीर्ष पर बैठा मुख्यमंत्री जब अचानक सड़कों पर उतरकर ठंड से जूझ रहे लोगों के बीच पहुंचा, तो तस्वीरें खुद-ब-खुद बहुत कुछ कह गईं। राजधानी भोपाल में सीएम मोहन यादव ने देर रात रैन बसेरों का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया और बेसहारा लोगों को गर्माहट का एहसास कराया।
मध्यप्रदेश में कड़ाके की ठंड से लोगों का बुरा हाल है , खासकर ऐसे लोग जो रेन बसेरो और सड़क किनारे सोने पर मजबूर है , ऐसे में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव अचानक भोपाल के नाइट शेल्टर पहुंचे। यहां उन्होंने सर्दी में सड़क किनारे जीवन गुजार रहे गरीब और बेघर लोगों से मुलाकात की। सीएम ने खुद आगे बढ़कर ठंड से ठिठुर रहे लोगों को कंबल ओढ़ाए और उनका हालचाल जाना। मुख्यमंत्री का यह मानवीय रूप देखकर लोग भावुक नजर आए।
निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने रैन बसेरों की साफ-सफाई, बिस्तरों, गर्म कपड़ों, भोजन और चिकित्सा सुविधाओं की स्थिति को बारीकी से देखा। उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि प्रदेश में कोई भी व्यक्ति सर्दी के मौसम में खुले आसमान के नीचे सोने को मजबूर न हो। मानवता की इस मिसाल में मुख्यमंत्री यहीं नहीं रुके। उन्होंने खुद अपने हाथों से जरूरतमंदों को चाय पिलाई और बुजुर्गों, महिलाओं व बच्चों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं।
सीएम ने साफ कहा कि, ठंड के मौसम में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी, इस दौरान मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को मकर संक्रांति की शुभकामनाएं दीं। कुल मिलाकर, कड़ाके की ठंड में सीएम मोहन यादव का यह जमीनी दौरा सिर्फ एक निरीक्षण नहीं, बल्कि संवेदनशील शासन की तस्वीर है। सत्ता के गलियारों से निकलकर सड़क पर खड़े जरूरतमंदों तक पहुंचना—यही सुशासन की असली पहचान है।



