MP: उमंग सिंघार ने उठाई छात्र संघ चुनाव की मांग, युवा विधायक सम्मेलन में उठाया मुद्दा

मध्यप्रदेश विधानसभा लोकतंत्र की नई तस्वीर देखने को मिली। युवा विधायक सम्मेलन में बीजेपी और कांग्रेस—दोनों दलों के विधायक एक मंच पर नजर आए और लोकतंत्र को मजबूत करने पर खुलकर मंथन हुआ। इस दौरान नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने एमपी में छात्र संघ चुनाव कराने की मांग रखी, उन्होंने कहा कि नेतृत्व की शुरुआत कॉलेज से होती है।
मध्यप्रदेश विधानसभा में आयोजित इस खास युवा विधायक सम्मेलन में 3 राज्यों के 45 विधायक शामिल हुए कार्यक्रम की शुरुआत पारंपरिक लोक नृत्य से हुई, जिसने पूरे माहौल को सांस्कृतिक रंग में रंग दिया। युवा विधायक सम्मेलन में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी, संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार मौजूद रहे। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने छात्र राजनीति को लेकर बड़ा मुद्दा उठाया और छात्र संघ चुनाव दोबारा शुरू कराने की मांग की। सिंघार ने कहा हमारे यहां छात्र संघ चुनाव बंद हो गए हैं जबकि नेतृत्व की शुरुआत कॉलेज से होती है। सिस्टम से लड़ने की ताकत वहीं से पैदा होती है।
सिंघार ने कहा कि, लोकतंत्र की जड़ें तभी मजबूत होंगी जब देश में डेमोक्रेसी मजबूत रहेगी। चुनाव जीतना कोई कला नहीं है , अगर आप दिल से जनता से जुड़ेंगे ,उनके काम करेंगे , तो कभी चुनाव नहीं हारेंगे।
इस सम्मेलन ने साफ संकेत दिया कि नई पीढ़ी की राजनीति अब सिर्फ भाषण नहीं बल्कि संवाद, तकनीक और जमीनी जुड़ाव पर आधारित होगी। कुल मिलाकर उमंग सिंघार की छात्र संघ चुनाव की मांग को लेकर एकबार फिर एमपी में छात्र संघ चुनाव की चर्चाएं तेज हो गई है।



