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Indore: भागीरथपुरा दूषित पानी कांड, अपर मुख्य सचिव संजय दुबे ने निरीक्षण किया

देश के सबसे साफ शहर कहे जाने वाले इंदौर में एक बार फिर दूषित पानी ने सिस्टम की पोल खोल दी है। भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी पीने से हालात भयावह हो चुके हैं। बुधवार तक 13 लोगों की मौत की जानकारी सामने आई है। वहीं अपर मुख्य सचिव संजय दुबे और निगम कमिश्नर ने भागीरथपुरा का दौरा कर पानी सप्लाय का जायजा लिया।

इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में फैले दूषित पानी संकट ने लोगों की जिंदगी पर सीधा असर डाला है। लगातार उल्टी-दस्त, पेट दर्द और डिहाइड्रेशन की शिकायतों के बाद बड़ी संख्या में लोग अस्पतालों में भर्ती हैं। स्थिति को नियंत्रण में लेने के लिए नगरीय विकास एवं आवास विभाग के अपर मुख्य सचिव संजय दुबे खुद मौके पर पहुंचे।  अपर मुख्य सचिव संजय दुबे ने भागीरथपुरा पानी की टंकी और आसपास के क्षेत्रों का निरीक्षण किया। इस दौरान निगम आयुक्त दिलीप कुमार यादव भी उनके साथ मौजूद रहे।

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों की मौजूदगी में ही भागीरथपुरा पानी की टंकी से जलप्रदाय शुरू कराया गया। हर बस्ती और कॉलोनी में निगम की टीमें तैनात की गईं, जो पानी की गुणवत्ता की जांच करती रहीं। अपर मुख्य सचिव संजय दुबे ने खुद पानी को सूंघकर और सैंपल की जांच कर शुद्धता परखी। नागरिकों की सुरक्षा को देखते हुए निगम अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि इलाके में लगातार अनाउंसमेंट कर लोगों को पानी उबालकर और छानकर ही उपयोग करने की सलाह दी जाए।

भागीरथपुरा में दूषित पानी से मची त्रासदी ने एक बार फिर शहरी व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि, प्रशासन अब हालात संभालने में जुटा है, लेकिन बड़ा सवाल यही है— क्या समय रहते कार्रवाई होती तो इतनी जानें बच सकती थीं? फिलहाल इलाके के लोग दहशत में हैं और प्रशासन की हर अगली कार्रवाई पर उनकी नजरें टिकी हुई हैं।

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